गोंडा: मार्कशीट पर ऋण देने के नाम पर बेरोजगारों को ठगे जाने का मामला प्रकाश में आया है। अब तक कई बेरोजगारों को शिकार बना चुकी संस्था के खिलाफ नगर कोतवाली में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। बावजूद इसके लोन देने वाली कंपनी अपना व्यापार खुलेआम चमका रही है।

दिवाकर प्रसाद निवासी अखरी गोंदहा, रामपुर मथुरा सीतापुर ने डीएम व एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा कि गत माह उसने गूगल पर मार्कशीट लोन के लिए आफर देखा तो उसने आवेदन कर दिया। इस पर जीवन साधना निधि लिमिटेड से एक महिला का फोन आया। यह कंपनी बहराइच रोड स्थित जिला परिषद कार्यालय के निकट संचालित है। दिवाकर का आरोप है कि मार्कशीट पर लोन देने के लिए कंपनी 3125 रुपये फाइल चार्ज कराने के लिए लेती है। इसके अलावा अन्य कागजात तैयार कराती है। पीड़ित का आरोप है कि उसे लोन देने के लिए 3200 रुपये पहले कंपनी के खाते में जमा करना पड़ा उसके बाद उसने 35400 रुपये और कंपनी में जमा कर दिया। बाद में कागज अधूरा बताकर कई बार उसकी लोन की फाइल को वापस कर दिया गया। जानकारी हासिल करने पर पता चला कि कंपनी द्वारा धोखाधड़ी की जा रही है। इस पर उसने इसकी शिकायत पुलिस से में दर्ज कराई तो पता चला कि उक्त कंपनी के नाम पहले से ही नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। उनकी शिकायत में भी उसी मुकदमें में शमिल कर कार्रवाई की जाएगी। दिवाकर के अलावा दिलीप कुमार मिश्र निवासी सीतापुर 38525 रुपये व सुनील कुमार निवासी संत कबीर नगर 13575 रुपये जमा कर चुके हैं लेकिन कागजात अधूरे होने का बहाना बताकर लोन देने से आनाकानी की जा रही है। ये कुछ बानगी भर है जिनकी शिकायतें थाने तक पहुंच गई हैं।

चल रही जांच

नगर कोतवाल अशोक कुमार ¨सह ने बताया कि मार्कशीट लोन देने वाली कथित कंपनी के खिलाफ अंकुल यादव की तहरीर पर पहले से धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जो और शिकायतें आ रहीं हैं उसे शामिल कर विवेचना की जा रही है। जल्द ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आरोप बेबुनियाद

जीवन साधना निधि लिमिटेड के निदेशक घनश्याम कोहली का कहना है कि उनकी कंपनी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग उनकी कंपनी को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। जांच में सब सामने आ जाएगा।

Edited By: Jagran