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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऑनलाइन देख लेंगे कहां पहुंची बस, यूपी रोडवेज करने जा रहा बड़ा बदलाव; एक बटन दबाते ही पहुंचेगी पुलिस

Published: Sun, 15 Sep 2024 01:29 PM (IST)

गोंडा रोडवेज अपनी बस संचालन व्यवस्था में सुधार लाने जा रहा है। अब यात्री ऑनलाइन टिकट बुक करते समय ही ...और पढ़ें

यूपी रोडवेज करने जा रहा बड़ा बदलाव - प्रतीकात्मक तस्वीर।
यूपी रोडवेज करने जा रहा बड़ा बदलाव - प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. सभी बसों में लगाया जा रहा ग्लोबल पोजीशन सिस्टम
  2. आरएम कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से बसों की होगी निगरानी

जागरण संवाददाता, गोंडा। आनलाइन लोकेशन वाले दौर से टक्कर लेने के लिए रोडवेज अब अपनी बस संचालन व्यवस्था में सुधार लाने जा रहा है, इसके लागू होते ही यात्री आनलाइन टिकट लेने के साथ ही यह देख लेंगे कि कौन सी बस किस जगह पहुंची है।

यही नहीं, बस के नजदीक आते ही उसके पहुंचने की सूचना भी बस स्टेशन पर लगे डिस्पले उपकरण एलईडी (लाइट एमिटिंग डायोड) पर दिखने लगी। साथ ही आटोएनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए यात्रियों को प्रसारित हाेनी शुरू जाएगी।

निर्भया योजना के तहत रोडवेज यात्रियों को जल्द ही अच्छी सुविधा मिलने जा रही हैं। अब तक रोडवेज बस स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर बैठे कर्मी बसों के आने का सही समय नहीं बता पाते थे। कारण,रास्ते की बस कहां पहुंची, इसकी जानकारी उन्हें खुद नहीं रहती थी। जरूरी होने पर वह चालक-परिचालक को फोन करते थे, लेकिन जबाब नहीं मिलता था।

इसे देखते हुए अब गोंडा समेत प्रदेश के 100 बस अड्डों पर एलईडी डिस्प्ले पैनल लगवाया गया है। साथ ही लाइव लोकेशन व आटो एनाउंसमेंट सिस्टम चालू करने की तैयारी है। सभी बसों में जीपीएस (ग्लोबल पोजीशन सिस्टम) लग रहा है। चालक-परिचालक का नाम व नंबर समेत सूचना फीड की जा रही है,जो इसी माह पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी रोडवेज बसें लाइव दिखना शुरू हो जाएंगी।

पैनिक बटन दबते ही आरएम कार्यालय के कंट्रोल रूम में दिखेगा खतरे का सिग्नल

महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए हर बस में पांच से छह पैनिक बटन लगाया गया है,जो असुरक्षित महसूस करते ही उसे दबा देंगी। बटन के दबाते ही आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक)कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में खतरे का (लाल) सिग्नल देने लगेगा, जहां 24 घंटे बैठे आपरेटर पहले संबंधित बस की लोकेशन लेंगे।

इसके बाद चालक व परिचालक के मोबाइल से सपंर्क करेंगे। जवाब नहीं मिला या फिर कर्मियों से असुरक्षा की रिपोर्ट मिली तो फिर यहीं से लाल सिग्नल पुलिस कंट्रोल रूम को भेज देंगे। इसके बाद डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालेगी।

बसों में जीपीएस व पैनिक बटन लगाकर उसकी लोकेशन आनलाइन की जा रही है। कंट्रोल रूम से बसों की लाइव निगरानी से बसे निर्धारित समय से चलेंगी। यात्री भी आनलाइन बुकिंग करते हुए बसों की लोकेशन देख सकेंगे। यहीं नहीं, पैनिक बटन के दबते ही पुलिस भी मौके पर पहुंचेगी। - अपराजित श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज

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