Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, जांच ठंडे बस्ते में; अभी भी बेसमेंट में फल-फूल रहा कारोबार

    Updated: Fri, 06 Sep 2024 06:10 PM (IST)

    दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव से तीन छात्रों की मौत के बाद शुरू हुई जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। एसडीएम ने 25 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर नक्शा मांगा था लेकिन अधिकांश ने नहीं दिया। बेसमेंट में चल रहे कारोबार और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से लोगों की जान खतरे में है।

    Hero Image
    नगर में बेसमेंटों की अवैध निर्माण पर प्रशासन की अनदेखी जारी

    संवाद सहयोगी, गाजीपुर। दिल्ली के राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जल भराव से तीन प्रतियोगी छात्रों की मौत के बाद यहां भी शुरू हुई जांच ठंडे बस्ते में चली गई। नगर में बने बेसमेंटों की जांच के बाद एसडीएम ने 25 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर नक्शा मांगा था, लेकिन अधिकांश ने नहीं दिया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    27 जुलाई को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में अचानक जलभराव से दो छात्राओं और एक छात्र की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद यहां के प्रशासन की नींद टूटी।

    बेसमेंट में संचालित मिली दुकानें

    एसडीएम सदर प्रखर उत्तम, डीआइओएस भाष्कर मिश्रा व अग्निशमन अधिकारी ने बेसमेंट में संचालित कोचिंग की जांच की थी। इस दौरान उन्हें बेसमेंटों में कही किचन, कही वर्कशाप तो कही शापिंग माल चलता मिला था।

    एसडीएम ने नगर के 25 से अधिक बेसमेंट स्वामियों को नोटिस जारी कर नक्शा जमा करने को कहा था। डेढ़ माह का समय बीतने के बाद भी अधिकांश भवन स्वामियों ने अपना नक्शा नहीं प्रस्तुत किया। उधर, प्रशासन ठंडा पड़ गया है।

    यह भी पढ़ें- चालक की सुझबूझ से टला बड़ा हादसा, गोलबंर से टकराई ट्रैक्टर-ट्रॉली; पेट्रोल पंप पर तेल भर रहे टैंकर से बाल-बाल बची

    बिना नक्शा या पार्किंग के नाम पर चल रहा बेसमेंट

    सभी निकायों व बाजारों में गृह स्वामियों ने बेसमेंट बनवा रखा है जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यवसाय फल-फूल रहे हैं। इन बेसमेंट का या तो नक्शा ही नहीं पास है या पास भी है तो पार्किंग के नाम पर। किसी भी बेसमेंट में पार्किंग नहीं की जा रही है। बल्कि गृह स्वामी इन बेसमेंट को किराया पर देकर महीने में हजारों रुपये का किराया वसूल रहे हैं।

    बेसमेंट में चलने वाले व्यवसायों में कर्मचारियों व ग्राहकों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। किसी के पास बेसमेंट में एक गेट के अलावा कोई दूसरा निकास नहीं है।

    अभी दो-तीन लोगों ने अपना नक्शा जमा कराया था, जिसकी जांच होनी बाकी है, जिन लोगों ने अभी तक अपना नक्शा जमा नहीं कराया है उनको एक बार फिर से नोटिस दिया जाएगा। इस नोटिस पर अमल न करने वालों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।

    -प्रखर उत्तम, एसडीएम सदर

    यह भी पढ़ें- यूपी के रामपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 25 साल पुराने अतिक्रमण पर चलवाया बुलडोजर; कब्जाधारियों में मची खलबली