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मुंबई- बांद्रा टर्मिनल साप्ताहिक ट्रेन के जनरेटर कार बोगी के नीचे टेप से बांधी गई शराब बरामद

By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 24 Dec 2025 12:01 PM (GMT+05:30)

गाजीपुर के दिलदारनगर स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई में मुंबई- बांद्रा टर्मिनल ट्रेन से 41.64 लीटर शराब ...और पढ़ें

बरामद शराब को जीआरपी को सौंप दिया गया है।

 बरामद शराब को जीआरपी को सौंप दिया गया है।

HighLights

  1. मुंबई-बांद्रा टर्मिनल ट्रेन से 41.64 लीटर शराब बरामद

  2. आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में जब्ती

  3. जनरेटर कार और स्लीपर कोच में छिपाई गई थी शराब

जागरण संवाददाता, दिलदारनगर (गाजीपुर)। ऑपरेशन सतर्क के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार की रात स्थानीय स्टेशन पर डाउन 22971 मुंबई बांद्रा टर्मिनल की ट्रेन के स्लीपर कोच के शौचालय से 41.64 लीटर शराब बरामद की गई। हालांकि, इस दौरान मौके से कोई भी व्यक्ति पकड़ा नहीं गया। आरपीएफ ने बरामद शराब को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सुपुर्द कर दिया।

आरपीएफ निरीक्षक गणेश राणा ने बताया कि उन्हें एक मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि डाउन मुंबई बांद्रा टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के जनरेटर कार के नीचे और स्लीपर कोच के शौचालय में भारी मात्रा में शराब छिपाई गई है। यह संभावना जताई गई थी कि बिहार राज्य में इस गाड़ी में चेनपुलिंग कर शराब को उतारा जा सकता है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से, सूचना के अनुपालन में, स्थानीय स्टेशन पर ठहराव नहीं होने के कारण सुरक्षा नियंत्रण कक्ष दानापुर से 15 मिनट का विशेष ठहराव लेकर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त रूप से प्लेटफार्म संख्या 2 पर रात 11:42 बजे ट्रेन के पहुँचने पर बोगियों की जांच की। इस दौरान जनरेटर कार के नीचे और कोच संख्या एस 3 से शराब बरामद की गई।

आरपीएफ के जवानों ने जब जनरेटर कार के नीचे शराब देखी, तो उनके होश उड़ गए। शराब तस्कर ट्रेनों के माध्यम से बिहार में शराब ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार की रात आरपीएफ ने जब स्टेशन पर ठहराव लेकर चेकिंग की, तो उन्हें जनरेटर कार के नीचे शराब टेप से चिपकाई हुई मिली। यह ध्यान देने योग्य है कि शराब तस्करों ने पहले पीडीडीयू के दो आरपीएफ जवानों की हत्या की थी। इसके बावजूद, आरपीएफ और जीआरपी शराब की तस्करी को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं।

विशेष रूप से, पीडीडीयू जंक्शन से पटना को जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक शराब चढ़ाई जाती है। लेकिन सेटिंग के कारण आरपीएफ और जीआरपी तस्करों पर कार्रवाई करने से बचते हैं। कभी-कभी वे शराब बरामद कर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं। बरामद की गई शराब में 48 अदद 8 पीएम टेट्रा पैक अंग्रेजी शराब प्रति धारिता 180 एमएल, 48 किंगफिशर बीयर 500 एमएल, कुल 24 लीटर बियर और 12 बोतल अंग्रेजी शराब 750 एमएल शामिल हैं, जिससे कुल 41.64 लीटर शराब बरामद हुई।

इस कार्रवाई में शामिल टीम में आरपीएफ निरीक्षक गणेश सिंह राणा, उप निरीक्षक नवीन कुमार, सहायक उप निरीक्षक ऋषिकेश शर्मा, आरक्षी अंजनी कुमार गुप्ता और आरक्षी सचिन कुमार पटेल शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रेलवे में शराब की तस्करी एक गंभीर समस्या है, जिसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

आरपीएफ और जीआरपी को इस दिशा में और अधिक सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इस प्रकार, यह कार्रवाई न केवल शराब तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की तत्परता और सक्रियता को भी दर्शाती है। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की छवि को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है।