प्लेटफॉर्म पर खाना बेचने का बदलेगा सिस्टम, पहले बनारस और फिर सभी स्टेशनों पर लागू हो जाएगा ये नया नियम
गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर वेंडरों के लिए क्यूआर कोड आधारित आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इस कदम का उद्देश्य खानपान की गुणवत्ता की निगरानी करना और अवैध वेंडिंग को रोकना है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर वेंडर की पूरी जानकारी मिल जाएगी जिससे यात्रियों को सुविधा होगी और मिलावट पर रोक लगेगी।

बिना आईडी वेंडिंग अवैध मानी जाएगी और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। कोट यह व्यवस्था यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित खानपान उपलब्ध कराने के लिए है। अवैध वेंडिंग पूरी तरह बंद होगी और शिकायतों का निस्तारण तेज होगा। -नसीरुद्दीन सिद्दिकी, स्टेशन अधीक्षक
यात्रियों ने इसका किया स्वागत
वाराणसी जा रहे यात्री ने कहा, पहले कभी-कभी खाने की गुणवत्ता खराब मिलती थी, लेकिन अब अगर आईडी दिख रही है तो भरोसा रहेगा कि खाना सुरक्षित है। -आकाश दीप
मोबाइल से क्यूआर स्कैन कर जानकारी मिलना सुविधाजनक है, इससे ठगी और खराब खाने की संभावना कम होगी। यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा। -राजेश
पहले ट्रेनों में खानेपीने के चीजों की गुणवत्ता के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता था, कोई भी वेंडर ट्रेन में घुसकर सामान बेचता था, जिससे उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं थी।-आनंद सिंह
रेलवे के इस पहल से यात्रियों को जहां यह जानने में सुविधा होगी कि जो व्यक्ति सामान बेच रहा है वह वास्तविक में पंजीकृत वेंडर है कि नहीं, वही खाने पीने की चीजों की गुणवत्ता सही मिलेगी। -उज्जवल केशरी
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