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    प्लेटफॉर्म पर खाना बेचने का बदलेगा सिस्टम, पहले बनारस और फिर सभी स्टेशनों पर लागू हो जाएगा ये नया नियम

    Updated: Thu, 14 Aug 2025 05:16 PM (IST)

    गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर वेंडरों के लिए क्यूआर कोड आधारित आईडी अनिवार्य कर दी गई है। इस कदम का उद्देश्य खानपान की गुणवत्ता की निगरानी करना और अवैध वेंडिंग को रोकना है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर वेंडर की पूरी जानकारी मिल जाएगी जिससे यात्रियों को सुविधा होगी और मिलावट पर रोक लगेगी।

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    बिना क्यूआर कोड आईडी, ट्रेन-प्लेटफार्म पर नहीं बिकेगा खाना-पीना

    जागरण संवाददाता, गाजीपुर। वाराणसी मंडल के गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर अब खानपान बेचने वाले हर वेंडर के पास क्यूआर कोड बेस्ड मानकीकृत आइडी होना अनिवार्य कर दिया गया है। रेलवे ने इसे खानपान की गुणवत्ता पर निगरानी और अवैध वेंडिंग पर अंकुश के लिए पहली बार प्रारंभ किया है। इसे स्कैन करते ही वेंडर की पूरी कुंडली सामने आ जाएगी।

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    गुणवत्ता, शिकायत पर सीधे संबंधितों की जिम्मेदारी निर्धारित होगी। इस तहस का बनारस पहला स्टेशन होगा जहां पर यह लागू हो गया है। बिना आइडी वेंडिंग अवैध मानी जाएगी।  स्टेशनों प्लेटफार्मों व ट्रेनों में लोगो के लिए भोजन व अन्य पेय व खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने वाले वेंडरों की पहचान को पुख्ता बनाने और वैध वेंडर की पहचान करने के लिए रेलवे ने अब क्यूआर कोड स्कैन आईडी जारी करने की शुरुआत की है।

    इसका पहला प्रयोग वाराणसी के स्टेशन से किया जा रहा है। इसके बाद यह धीरे-धीरे क्रमश: सभी स्टेशनों पर लागू कर दिया जाएगा। यात्री अपने मोबाइल से वेंडर का क्यूआर कोड स्कैन करते ही वेंडर की पूरी जानकारी मोबाइल पर पा सकेंगे।

    इससे न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि शिकायत की स्थिति में सीधे संबंधित वेंडर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। गाजीपुर सिटी स्टेशन पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

    बिना आईडी वेंडिंग अवैध मानी जाएगी और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। कोट यह व्यवस्था यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित खानपान उपलब्ध कराने के लिए है। अवैध वेंडिंग पूरी तरह बंद होगी और शिकायतों का निस्तारण तेज होगा। -नसीरुद्दीन सिद्दिकी, स्टेशन अधीक्षक

    यात्रियों ने इसका किया स्वागत

    वाराणसी जा रहे यात्री ने कहा, पहले कभी-कभी खाने की गुणवत्ता खराब मिलती थी, लेकिन अब अगर आईडी दिख रही है तो भरोसा रहेगा कि खाना सुरक्षित है। -आकाश दीप

    मोबाइल से क्यूआर स्कैन कर जानकारी मिलना सुविधाजनक है, इससे ठगी और खराब खाने की संभावना कम होगी। यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा। -राजेश

    पहले ट्रेनों में खानेपीने के चीजों की गुणवत्ता के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होता था, कोई भी वेंडर ट्रेन में घुसकर सामान बेचता था, जिससे उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं थी।-आनंद सिंह

    रेलवे के इस पहल से यात्रियों को जहां यह जानने में सुविधा होगी कि जो व्यक्ति सामान बेच रहा है वह वास्तविक में पंजीकृत वेंडर है कि नहीं, वही खाने पीने की चीजों की गुणवत्ता सही मिलेगी। -उज्जवल केशरी