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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा फिर बसपा में शामिल

By JagranEdited By:
Published: Wed, 27 Mar 2019 06:47 PM (IST)Updated: Wed, 27 Mar 2019 10:44 PM (IST)

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पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा फिर बसपा में शामिल
पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा फिर बसपा में शामिल

जासं, गाजीपुर : उप्र कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन व पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा बुधवार को एक बार फिर भाजपा से बसपा में शामिल हो गए। सेक्टर प्रभारी वाराणसी व पूर्व सांसद घनश्याम चंद्र खरवार ने इनके साथ ही कई समर्थकों को बसपा की सदस्यता ग्रहण कराई। इस दौरान उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बीना यादव के आवास पर सदस्यता ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उमाशंकर कुशवाहा ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। आरोप लगाया कि भाजपा में पिछड़ों का सम्मान नहीं है।

घनश्यामचंद्र खरवार ने बताया कि बहन मायावती के निर्देश पर आज यहां सभी लोग इकट्ठा हुए हैं और उमाशंकर को सदस्यता दिलाई गई है। उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि भाजपा की ऐसी कोई नीति नहीं है जिससे पिछड़ों को भला हो सके। यह सिर्फ झूठ की राजनीति कर रहे हैं। इसलिए हमने अपने समर्थकों संग बसपा में शामिल होने का निर्णय लिया। पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने मनोज सिन्हा सहित केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि सरकार में सिर्फ तानाशाही चल रही है। 40 वर्ष से मैं राजनीति में हूं और आठ बार चुनाव लड़ा हूं कभी मुझे पाबंद नहीं किया गया। यह सिर्फ और सिर्फ तानाशाही है। जिला कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन अजय कुशवाहा, जिलाध्यक्ष कमलेश गौतम आदि थे। ---

दल बदलने के महारथी हैं कुशवाहा

उमाशंकर कुशवाहा सदर से 2007 में बसपा से विधायक चुने गए थे। 2012 में बसपा से जमानियां से एमएलए का चुनाव हारने के बाद 2013 में सपा की सदस्यता ग्रहण की। यहां से भी मन ऊबा तो 2017 में भाजपा का दामन थाम लिया। अब तीसरी बार फिर दल बदल कर अपने पुराने घर बसपा में जा पहुंचे। यह देखने वाली बात होगी कि यहां फिर से उनका मन कब तक रमता है।