जागरण संवाददाता, सादात (गाजीपुर) : कोरोना काल के समय से ही बंद हुए माहपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का पुन: ठहराव नहीं होने से क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस स्टेशन के बंद होने के चलते रेलवे स्टेशन के समीप चाय, पान, पकौड़ी, जलेबी आदि की दुकानें लगाकर परिवार चलाने वालों के समक्ष भुखमरी की स्थिति आ गई है। माहपुर क्षेत्र के आसपास के लोगों ने इस स्टेशन पर किसी भी ट्रेन के ठहराव नहीं होने से विभाग से काफी नाराजगी जताई है। स्टेशन के पीछे, गुमटी, मड़ई टीनशेड आदि डालकर पिछले कई वर्षों से रेलवे की बदौलत अपने परिवार का पेट भरने वाले राजनाथ राजभर, विनोद यादव, सुशीला देवी, मुन्ना, रमेश गुप्ता आदि ने बताया कि कोरोना के कारण बंद हुए इस रेलवे स्टेशन पर अभी तक कोई ट्रेन का पुन: ठहराव नहीं हुआ। हमारी रोजी रोटी बंद है। कर्ज लेकर हम लोग अपने परिवार का पेट किसी तरह भर रहे हैं। जबकि यहां पर दर्जनों गांवों मखदूमपुर, भीमापार, खजुरहट, कैथवलिया, परसनी, नगवां, कनेरी, गौरां, बौरवां, हीरनंदपुर, महमूदपुर सहित करीब पांच छह किमी दूर-दराज के यात्रियों का आवागमन रहता है।

माहपुर गांव के प्रधान लक्षिराम प्रजापति, नगवां के प्रधान राजेश यादव, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामधनी यादव, ग्रामीण डा. प्रकाश सिंह, इसराज अहमद, प्रकाश यादव आदि ने बताया कि माहपुर स्टेशन पर पहले से ही कृषक एक्सप्रेस, छपरा इंटरसिटी का ठहराव होता था। इस रूट पर इन ट्रेनों सहित अन्य ट्रेन चलाई जा रही है लेकिन इस स्टेशन पर पूर्व में रुकने वाली ट्रेन कृषक एक्सप्रेस व छपरा इंटरसिटी का ठहराव बंद कर दिया गया। बताया कि वाराणसी, मऊ दवा वगैरह के लिए आने जाने में काफी समय व पैसा दोनों लग रहा हैं।

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