Akshaya Tritiya पर होती हैं सबसे ज्यादा शादियां, कुंडली मिलान क्यों नहीं होता जरूरी?
Akshaya Tritiya पर जिन युवक-युवतियों की विवाह जन्म कुंडली नहीं मिलती उनके विवाह अबूझ साये में बिना किसी ज्योतिषीय परामर्श के किए जा सकते हैं। गाजियाबाद में भी अक्षय तृतीया पर 500 से अधिक विवाह होने का अनुमान है जिसके लिए बैंक्वेट हॉल और फार्म हाउस पहले से ही बुक हैं। इस साल अक्षय तृतीया सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जा रही और सोना-चांदी खरीदना भी शुभ माना जाता है।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का त्योहार बुधवार को मनाया जा रहा है। अक्षय तृतीया को अबूझ विवाह का शुभ मुहूर्त माना जाता है। जिन युवक-युवतियों के विवाह जन्म कुंडली के आधार पर नहीं सूझते उनके विवाह अबूझ साये में बिना किसी ज्योतिषीय परामर्श के किए जा सकते हैं।
अक्षय तृतीया के दिन शहर में भी 500 से अधिक विवाह होने का अनुमान है। इसके लिए शहर भर के बैंक्वेट हॉल, मैरिज होम एवं फार्म हाउस की कई माह पहले से ही बुकिंग हो चुकी है। कई जगह पहले से ही बुकिंग होने की वजह से ग्राहकों को लौटाना भी पड़ा। इसके अलावा कुछ विवाह धर्मशालाओं में भी होंगे।
अबूझ साये में होंगे विवाह
शहर भर में अबूझ साये में बड़ी संख्या में विवाह होंगे। जिसके लिए लगभग सभी बैंक्वेट हॉल, मैरिज होम और फार्म हाउस बुक हो चुके हैं। शहर भर के होटलों के कमरों में अतिथियों को ठहराने के लिए कई दिन पहले से बुकिंग है। हालांकि टेंट की बुकिंग काफी कम है।
शहर में टेंट लगाकर शादियां कम ही होंगी। गांव देहात में जहां खुली जगहों का अभाव नहीं है और अपने घर से ही कन्या दान कर विदाई करना चाहते हैं केवल वहीं टेंट लगाकर शादियां हो रही हैं।
बैंक्वट एसोसिएशन के महामंत्री अशोक चावला ने बताया कि शहर भर के ज्यादातर बैंक्वेट हॉल शादियों के लिए कई माह पहले से बुक हैं। अब लोग मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल या फार्म हाउस में विवाह करना उचित समझते हैं। शहर में टेंट लगाकर शादियां कम ही होती हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी अक्षय तृतीया
ज्योतिषाचार्य पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि इस साल अक्षय तृतीय सर्वार्थ सिद्धि योग, शुभ योग, शोभन योग, गजकेसरी योग और रवि योग में मनाई जाएगी। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नींव पूजन, वाहन, आभूषण खरीदने आदि शुभ कार्यों के लिए उत्तम योग है। इस दिन भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है।
इस दिन रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्रों का पुण्य योग है जो विवाह एवं अन्य भौतिक सामग्री खरीदने, बेचने का उत्तम योग होता है। इस दिन बिना किसी विद्वान से परामर्श किए विवाह किया जा सकता है। सूर्योदय से सुबह 11.30 बजे तक और इसके बाद 1.30 बजे से रात नौ बजे तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम योग है।
अक्षय तृतीया पर सजा बाजार
अक्षय तृतीया पर सोना, चांदी के आभूषण, पीतल-कांसे के बर्तन, वाहन आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इसको लेकर सराफा बाजार पूरी तरह तैयार है। सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद अक्षय तृतीया पर कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद है। मांग के अनुसार कारोबारियों ने कम वजन की रेंज की ज्वैलरी भी बाजार में उतारी है। बाजार में ब्रांडेड कंपनी समेत हालमार्क ज्वैलरी की भी खासा मांग देखने को मिल रही है।
शहर में अंबेड़कर रोड, दिल्ली गेट, नवयुग मार्केट, मालीवाड़ा, डासना गेट, सिहानी गेट, घंटाघर आदि में 300 से अधिक सर्राफा दुकानें हैं। इस पर्व पर शुभ करने के लिए हल्के गहने या चांदी के सिक्कों की बिक्री होती है। अंबेड़कर रोड स्थित ज्वेल्स एम्पोरियम के आशीष गोयल ने बताया कि मंगलवार को 22 कैरेट सोने की कीमत 89,800 रुपये है जबकि चांदी की कीमत 97 हजार प्रति किग्रा रही।
ग्राहक अक्षय तृतीय पर सोने के गहने लेने के लिए पहले शोरूम पहुंच रहे हैं। सोने और चांदी के गहनों की बिक्री दाम बढ़ने से कम नहीं हुई है। गहनों के अलावा धार्मिक आधार पर राम दरबार, कृष्ण राधा, हनुमान, शिव परिवार आदि के फ्रेम भी खरीद रहे हैं।
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