Ghaziabad News: बेहोश हुई महिला ने तीसरे दिन तोड़ा दम, नहीं मिली थी रेलवे की एंबुलेंस
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर एक 30 वर्षीय महिला की गर्मी के कारण बेहोश होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला के साथ उसकी चार साल की बेटी भी थी जिसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही है। रेलवे स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगे हैं क्योंकि महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर तेज धूप में बेहोश हुई 30 वर्षीय महिला ने तीसरे दिन उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। महिला साथ चार वर्षीय बच्ची भी थी, जो अपना पता व स्वजन के बारे में नहीं बता पा रही है। महिला की शिनाख्त नहीं हुई है।
आरपीएफ ने बच्ची को रेलवे चिल्ड्रन इंडिया (आरसीआई) को सौंप दिया है। इस मामले में रेलवे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। रेलवे की ओर से मरीज को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
धूप में खड़ी महिला प्लेटफार्म नंबर एक पर हो गई थी बेहोश
शनिवार दोपहर ढ़ाई बजे का समय था। तेज गर्मी थी। महिला अपनी पांच वर्षीय बच्ची के साथ प्लेटफार्म पर खड़ी थी। महिला अचानक बेहोश हो गई। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों ने महिला को बैंच पर लिटा दिया। लोगों ने जीआरपी को इसकी सूचना दी।
आरपीएफ की टीम ने स्टेशन मास्टर को बताकर एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा। मौके पर 108 नंबर नंबर काल कर एंबुलेंस को बुलाया। एमएमजी अस्पताल में जांच करने पर पता चला महिला चार माह की गर्भवती है। उन्हें आक्सीजन लगाया गया। खून भी चढ़ाया गया। इसके बाद भी सेहत में सुधार नहीं होने पर मरीज को दिल्ली जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया।
सोमवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। जीआरपी थाना प्रभारी नवरत्न गौतम ने बताया कि पुलिस महिला की शिनाख्त करने में जुट गई है। बच्चे से महिला के बारे में काफी पूछताछ की गई लेकिन वह अपने पिता का नाम तो बता रही है, लेकिन इससे अधिक वह कुछ नहीं बता पा रही है। जीआरपी ने महिला की शिनाख्त के लिए विभिन्न थानों में उनकी फोटो भेज दी है।
महिला को अस्पताल ले जाने में हुई थी देरी
महिला के बेहोश होने के एक घंटे बाद मरीज को अस्पताल ले जाया गया। आरपीएफ के मुताबिक रेलवे स्वास्थ्य केंद्र की ओर से मौके पर कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य केंद्र से एक स्वास्थ्यकर्मी आया था। वह भी महिला के साथ जिला एमएमजी अस्पताल नहीं गया। बाहर से 108 नंबर की एंबुलेंस बुलाई गई।
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