गाजियाबाद [आशुतोष गुप्ता]। गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना देवी मंदिर में दो जून की रात घुसे संदिग्ध जीजा-साले विपुल विजयवर्गीय व कासिफ से पुलिस व खुफिया एजेंसियां मैराथन पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित विपुल विजयवर्गीय का गाजियाबाद ही नहीं बल्कि दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में कनेक्शन है। वह यहां के लोगों से लगातार संपर्क में रहता था। इनकी जांच भी की जा रही है। इसके साथ ही इनके लोकल कनेक्शन भी मिले हैं। दोनों संदिग्धों के मसूरी, डासना समेत विजयनगर में कई लोगों से संबंध मिलने के संकेत मिले हैं। दोनों आरोपित मंदिर में घुसने से पहले कुछ लोगों से मिले थे। वहीं दोनों पूछताछ में एजेंसियों को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि रिमांड के आखिरी दिन यानि शनिवार तक पुलिस व खुफिया एजेंसियां किसी न किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगी। पूछताछ में इतना तो साफ हो गया है संदिग्धों का मंदिर में घुसने का उद्देश्य सिर्फ मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से शास्त्रार्थ ही करना नहीं था। उनका मंदिर में घुसने का मकसद कुछ और भी हो सकता है। इसमें मंदिर के सुरक्षा की कमी तलाशना, रेकी करना व हमला भी शामिल हो सकता है। शनिवार तक प्रकरण में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

कट्टरपंथी परिवार से संबंध रखता है कासिफ

पूछताछ में पता चला है कि विपुल विजयवर्गीय के ससुर यानि कासिफ के पिता और विपुल का विजयनगर निवासी गुरु जिसने उसे उर्दू व पैरामेडिकल की तालीम दी थी, दोनों एक कट्टरपंथी संगठन के पदाधिकारी रह चुके हैं। कट्टरपंथी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद कासिफ पुलिस को भटका रहा है। पूछताछ में अब तक कासिफ ने अपना एक भी दोस्त मुस्लिम होना नहीं बताया है। उसने पूछताछ में जिन दोस्तों के नाम लिए हैं वह ¨हदू हैं। कासिफ भी खुफिया एजेंसियों को रटी-रटाई कहानी सुना रहा है और उन्हें भटकाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में एजेंसियों का शक और ज्यादा गहरा गया है।

जानकारी होने के बाद भी कासिफ ने नहीं किया एतराज

विपुल विजयवर्गीय नागपुर का रहने वाला है। वह विजयनगर में पैरामेडिकल व उर्दू की तालीम लेने के लिए गाजियाबाद आया था। उसे गाजियाबाद के बारे में इतनी जानकारी नहीं है जितनी कासिफ को है, क्योंकि कासिफ यहीं का रहने वाला है। कासिफ को मालूम था कि डासना देवी मंदिर में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद न तो कासिफ ने मंदिर आने पर एतराज किया और न ही रजिस्टर में उसका नाम गलत लिखने पर उसने विपुल का विरोध किया।

एटीएस ने विजयनगर में कई से की गोपनीय पूछताछ

इसी प्रकरण में बृहस्पतिवार को एटीएस ने मसूरी व विजयनगर पुलिस के साथ मिलकर विजयनगर के प्रताप विहार में कई संदिग्धों से गोपनीय रूप से की पूछताछ। एटीएस संदिग्धों का कनेक्शन तलाशने के लिए विजयनगर आई थी। सूत्रों की माने तो एटीएस ने विजयनगर निवासी विपुल विजयवर्गीय के गुरु पैरामेडिकल की पढाई कराने और उर्दू की तलीम देने वाले व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उसके पास से बरामद लैपटॉप, किताबों व अन्य सामान की जांच की जा रही है।

Edited By: Jp Yadav