नई दिल्ली/गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहन नगर मेट्रो स्टेशन तक रोपवे के रूट में कोई बाधा नहीं है। तीन रूट पर सर्वे करने के बाद कंसल्टेंट फर्म ने जीडीए को रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद जीडीए अफसरों ने उपरोक्त रूट पर रोपवे चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।

जीडीए के सहायक अभियंता व रोपवे प्रोजेक्ट के प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह के सुझाव पर जीडीए ने रोपवे प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से नोएडा सेक्टर-62 तक व वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर मेट्रो स्टेशन तक तीन रूट पर कंसल्टेंट फर्म से सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान उपरोक्त सिर्फ एक रूट ऐसा सामने आया जिसमे रोपवे चलाने में कोई बाधा नहीं है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रोजेक्ट की कुल लागत का पता चलेगा। इसके बाद प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च को लेकर उच्चाधिकारियों द्वारा बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

जीडीए ने महानगर में तीन रूटों पर रोपवे चलाने की योजना बनाई थी। इनमें नया बस अड्डा (शहीद स्थल) मेट्रो स्टेशन से पुराना रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से नोएडा सेक्टर-62 (इलेक्ट्रानिक सिटी) और वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर मेट्रो स्टेशन के बीच रोपवे निर्माण प्रस्तावित है। 

जीडीए की ओर से रोपवे से पहले तैयार किए गए मेट्रो फेज-तीन व चार कॉरिडोर की कुल लागत 3225 करोड़ थी। वैशाली से मोहननगर कॉरिडोर की कुल लंबाई 5.04 किमी है। इस कॉरिडोर की कुल लागत 1808.22 करोड़ है। दूसरी ओर नोएडा से साहिबाबाद मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 5.017 किमी है। इस कॉरिडोर की लागत 1517 करोड़ है।  

उधर, विवेकानंद सिंह (मुख्य अभियंता, जीडीए) ने कहा कि कंसलटेंट फर्म ने वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर मेट्रो स्टेशन के बीच रोपवे प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में रूट में रोपवे निर्माण में कोई रुकावट न होने की बात शामिल है। ऐसे में अब एजेंसी को प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। 

Edited By: Jp Yadav