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    गाजियाबाद में इमरजेंसी में पहुंचे 148 मरीज, दो लोगों की हो गई मौत; सामने आई ये वजह

    Updated: Fri, 08 Nov 2024 09:39 PM (IST)

    बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण गाजियाबाद के सरकारी और निजी अस्पतालों में आंखों में जलन खांसी-जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को पहुंचे 2085 मरीजों में से 411 सांस के मरीज थे। इनमें से 73 मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराया गया। बुखार के 426 मरीज पहुंचे। बीमार बच्चों की संख्या 298 रही।

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    शुक्रवार को जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 2085 मरीजों में सांस के 411 मरीज पहुंचे।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। वायु प्रदूषण बढ़ने पर सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों आंखों में जलन, खांसी-जुकाम और सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 2085 मरीजों में सांस के 411 मरीज पहुंचे। इनमें से 73 मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराया गया। बुखार के 426 मरीज पहुंचे। बीमार बच्चों की संख्या 298 रही।

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    कार्यवाहक सीएमएस डॉ. संतराम वर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में पहुंचे 148 मरीजों में किशोर समेत दो को मृत घोषित किया गया। इनमें 16 वर्षीय किशोर धर्मेन्द्र कुमार और 62 वर्षीय धनसिंह शामिल हैं। दोनों को बुखार और सांस लेने में परेशानी होने पर मृतावस्था में इमरजेंसी में लाया गया था। दोनों शवों को संबंधित के स्वजन को सौंप दिया गया।

    संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में 885 मरीज पहुंचे

    ओपीडी में पहुंचे मरीजों में सबसे अधिक 1036 महिला और 751 पुरुष मरीज शामिल है। इनमें अधिकांश खांसी-जुकाम, बुखार और आंखों में जलन की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे। भर्ती मरीजों की संख्या 101 है। संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में 885 मरीज पहुंचे। इनमें 100 बच्चे शामिल हैं। कुत्ता और बंदर के काटने पर 49 बच्चों समेत 319 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है।

    25 दिन बाद बच्ची की अस्पताल से हुई छुट्टी

    वेव सिटी थाना क्षेत्र में 11 अक्टूबर को लावारिश हालत में मिली बच्ची की स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। प्रबंधन द्वारा पुलिस एवं अन्य सक्षम अधिकारियों को इस संबंध में लिखित में अवगत कराया था। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अल्का शर्मा ने बताया कि 12 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती गई लावारिस बच्ची को पुलिस एवं बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। भर्ती के समय बच्ची का वजन तीन किलो था। उसका वजन अब 3.46 किलोग्राम हो गया है। बच्ची का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची एसएनसीयू में भर्ती रही ।

    सीएम रहे शहर में, ओपीडी हुई प्रभावित

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को शहर में रहें। सीएम की वीआइपी ड्यूटी में अधिकांश चिकित्सक, फार्मासिस्ट, एंबुलेंस और एएलएस की ड्यूटी लगने से ओपीडी के साथ इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रही। कई चिकित्सक तो सुबह से ही ड्यूटी के लिए चले गए। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने मरीज देखे। इससे जिला एमएमजी अस्पताल और संयुक्त अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं अधिक प्रभावित हुई। शुक्रवार को चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी पूरे दिन सीएम के आगमन की तैयारियों में जुटे रहे। नेहरूनगर में एक प्राइवेट हास्पिटल में सेफ हाउस बनाया गया था। शाम को चले जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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