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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट पर योगी सरकार के निर्णय के समर्थन में मुस्लिम कारोबारी, कहा- 49 साल से ठगे जा रहे थे मुसलमान

By Hasin ShahjamaEdited By: Shyamji Tiwari
Published: Thu, 23 Nov 2023 09:00 PM (IST)

मुसलमानों ने कहा कि हलाल प्रमाणन के नाम पर समाज को बांटा जा रहा था। कंपनियों को हलाल या हराम ...और पढ़ें

हलाल सर्टिफाइड प्रोडेक्ट पर योगी सरकार के बैन के समर्थन में मुस्लिम कारोबारी
हलाल सर्टिफाइड प्रोडेक्ट पर योगी सरकार के बैन के समर्थन में मुस्लिम कारोबारी

HighLights

  1. प्रतिबंध को मुस्लिमों ने बताया उचित
  2. उत्पाद पर हलाल लिख देना गलत- इमाम

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। हलाल प्रमाणन उत्पादों पर प्रतिबंध को लेकर मुस्लिम समाज ने गहन मंथन शुरू कर दिया है। ज्यादातर मुस्लिम संगठनों ने प्रतिबंध को उचित बताया है। गाजियाबाद में मुस्लिम महासभा ने तो 49 साल से मुस्लिमों को हलाल प्रमाणन उत्पादों के नाम पर ठगने का आरोप लगाया है।

योगी सरकार के निर्णय के समर्थन में मुस्लिम

मुस्लिम कारोबारियों ने कहा है कि हलाल प्रमाणन के नाम पर समाज को बांटा जा रहा था। कंपनियों को हलाल या हराम से कोई मतलब नहीं है। वह सिर्फ मुस्लिमों की आस्था को भुना रही हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिबंध के निर्णय का समर्थन करते हैं। बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने हलाल प्रमाणन उत्पादों पर रोक लगा दी है। प्रदेशभर में छापेमारी की जा रही है।

ज्यादातर मुस्लिमों का कहना है कि उत्पाद हलाल है या नहीं, इसे सिद्ध नहीं किया जा सकता। यदि किसी उत्पाद पर हलाल लिखा तो मुस्लिम उसकी जांच कराकर यह पता नहीं लगा सकते हैं कि वह हलाल है या हराम। भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण इसका प्रमाणन जारी नहीं करता।

हलाल ठगने का कारोबार है- मुस्लिम

मुस्लिमों का कहना है कि हलाल प्रमाणन केवल कथित विश्वास पर टिका हुआ, मुस्लिमों को ठगने का कारोबार भर है। इससे मुस्लिमों को गुमराह किया जा रहा है। यह कार्रवाई पहले से की जानी चाहिए थी। मुस्लिम कारोबारी भी प्रतिबंध के समर्थन में आ गए हैं। कारोबारी हाजी जमालुद्दीन ने बताया कि कई कंपनियों ने प्रतिदिन प्रयोग होने वाले उत्पादों पर भी हलाल प्रमाणन लिख दिया है।

दाल और चावल के पैकेट पर भी हलाल लिख दिया गया है। यह बिल्कुल गलत है। इस पर उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरे देश में प्रतिबंध लगना चाहिए, ताकि मुस्लिमों को ठगी से बचाया जा सके। महाराजपुर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल वाहिद ने बताया कि किसी भी उत्पाद पर हलाल लिख देना गलत है। हमें तो पता ही नहीं था कि कंपनियां चावल व आटे तक पर हलाल प्रमाणन लिख रही हैं।

पूरे देश में प्रतिबंध की मांग

यह तो हैरान करने वाली बात है। इस तरह की प्रमाणन तो संभव ही नहीं है। इस पर रोक उचित है। मुस्लिम महासभा के प्रदेश प्रभारी हाजी नाजिम खान का कहना है कि हलाल प्रमाणन उत्पादों पर प्रतिबंध पूरे देश में लगना चाहिए। हलाल अरबी शब्द है। इसका अर्थ है वैध। हलाल के दायरे में मुख्य रूप से खाद्य पदार्थ आते हैं। हराम भी अरबी शब्द है और इसका अर्थ है अवैध। शराब, बिना आयत पढ़े मृत पशु, रक्त और इसके उत्पाद, सूअर का मांस और झटके का मांस हराम है।

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