NCRB Report: गाजियाबाद में तीन साल में हत्या के केस 23 से बढ़कर 61 हुए, अपहरण के मामलों में आई कमी
उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ और कानपुर के साथ ही गाजियाबाद भी इन 19 शहरों की सूची में शामिल है। गाजियाबाद में तीन साल में हत्या के केस 23 से बढ़कर 61 हुए हैं। महिला अपराध के मामले में दर्ज केसों की संख्या 241 से बढ़कर 1063 हो गई। हालांकि महिला अपराध से जुड़े लंबित मामलों की संख्या देशभर में गुजरात के सूरत के बाद सबसे कम है।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2022 में देश में अपराध के आंकड़े जारी किए हैं। इनमें देश के चुनिंदा 19 मेट्रोपोलिटन शहरों में दर्ज हुए अपराध का आंकड़ा जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ और कानपुर के साथ ही गाजियाबाद भी इन 19 शहरों की सूची में शामिल है।
जनपद में तीन साल में हत्या के केस 23 से बढ़कर 61 हुए हैं। महिला अपराध के मामले में दर्ज केसों की संख्या 241 से बढ़कर 1063 हो गई। हालांकि महिला अपराध से जुड़े लंबित मामलों की संख्या देशभर में गुजरात के सूरत के बाद सबसे कम है।
अपहरण के मामलों में तीन वर्षों में आई कमी
वर्ष 2020 में गाजियाबाद में हत्या के केस 23 दर्ज किए गए। वर्ष 2021 में हत्या के मामले 25 हुए जबकि वर्ष 2022 में हत्या के मामले बढ़कर 61 हो गए। अपहरण के मामलों में तीन वर्षों में कमी आई है।
वर्ष 2020 में अपहरण के 78 मामले दर्ज किए गए थे। बीते साल 55 मामले अपहरण के दर्ज किए गए। पुलिस ने पूरे साल में विभिन्न मामलों में 4572 आरोपित गिरफ्तार किए। जनपद में अपराधियों पर हत्या के मामलों में चार्जशीट दर 78.3 प्रतिशत है।
वर्ष 2022 में गाजियाबाद में दर्ज अपराध
हत्या 61
आत्महत्या 36
दहेज हत्या 32
हिट एंड रन केस 216
हत्या का प्रयास 66
यौन उत्पीड़न 100
अपहरण 55
दुष्कर्म 68
चोरी 2973
सेंधमारी 144
लूट 51
धोखाधड़ी 311
साइबर अपराध 626
आर्म्स एक्ट 1087 केस
नोट-सभी आंकड़े एनसीआरबी के वर्ष 2022 के हैं।
Also Read-
साइबर अपराध के केसों की जांच में पीछे
साइबर अपराध के मामलों में पुलिस आरोपितों पर चार्जशीट करने में देश के अन्य शहरों की अपेक्षा पीछे है। वर्ष 2022 में जनपद में 626 साइबर अपराध दर्ज किए गए।
पुलिस साइबर अपराध के 339 मामलों में आरोपित नहीं तलाश पाई। सिर्फ 78 मामलों में ही चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस ने बीते साल 104 आरोपित साइबर अपराध में गिरफ्तार किए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।