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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Share Market Fraud: गाजियाबाद में नेवी अधिकारी को एक महीने में 30 बार ठगा, खातों में ट्रांसफर कराए 58 लाख

By vinit Edited By: Geetarjun
Published: Mon, 23 Dec 2024 10:56 PM (IST)

गाजियाबाद में एक मर्चेंट नेवी अधिकारी के साथ शेयर मार्केट फ्रॉड का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने उन्हें ...और पढ़ें

मर्चेंट नेवी अधिकारी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 58.71 लाख रुपये ठगे।
मर्चेंट नेवी अधिकारी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 58.71 लाख रुपये ठगे।

HighLights

  1. इंदिरापुरम के शिप्रा सृष्टि निवासी पीड़ित से करीब एक महीने में शेयर में निवेश के लिए धनराशि ट्रांसफर कराई।
  2. पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ केस, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने इंदिरापुरम निवासी मर्चेंट नेवी अधिकारी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 58 लाख 71 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित से आरोपियों ने 30 बार में धनराशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराई। पीड़ित ने जब अपने रुपये निकालने चाहे तो उन्हें लाभ के रूप में 15 प्रतिशत मुनाफा जमा करने के लिए कहा गया। परेशान होकर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।

इंदिरापुरम के शिप्रा सृष्टि निवासी संजीव कुमार मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर हैं। उनके पास 13 नवंबर को शेयर ट्रेडिंग टिप्स देने वाला मैसेज वॉट्सऐप पर आया। उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स दिए जा रहे थे।

अपना और पत्नी का खुलावाया खाता

कुछ दिन बाद उन्हें एसएमसी फाइनेंस ऐप डाउनलोड कराया गया। ऐप के जरिए उन्हें ट्रेडिंग शुरू कराई गई। उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के नाम से ट्रेडिंग खाता खुलवाकर निवेश शुरू किया। शुरूआत में छोटी धनराशि से शेयरों में निवेश कराकर बड़ी धनराशि आईपीओ के नाम पर निवेश कराई गई।

एक महीने में 30 बार ठगा

पीड़ित का कहना है कि उनसे 30 बार में ठगों ने 13 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच विभिन्न बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर कराई है। पीड़ित के मुताबिक उन्हें आइपीओ में निवेश के नाम पर रुपये नहीं होने पर 33 लाख रुपये का लोन भी ट्रेडिंग खाते में दिया गया जिस पर पांच प्रतिशत दैनिक ब्याज की देनदारी बताई गई।

पीड़ित ने जब अपने जमा किये हुए रुपये निकालने का प्रयास किया तब उनसे 15 प्रतिशत शुल्क मांगा जो करीब 17 लाख रुपये था। पीड़ित के पास साइबर अपराधी लगातार फोन कर शुल्क जमा कराकर अपनी धनराशि निकालने के लिए फोन कर रहे हैं।

शेयर ट्रेडिंग के झांसे में आने से ऐसे बचें

  • शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड से बचने के लिये अधिकारिक डीमेट एकाउंट खुलवाकर ही शेयर ट्रेडिंग करें।
  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनमिय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत शेयर ब्रोकर फर्म में ही शेयर ट्रेडिंग शुरू करें
  • शेयर में मुनाफे के झांसे में न आएं, शुरूआत में लंबी अवधि के चुनिंदा शेयरों मे ही निवेश करें।
  • जिस कंपनी में खाता खोला है उसी कंपनी के नाम से खुले बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करें।
  • निवेशक जब चाहें अपने शेयर बेचकर नियत समय बाद खाते में धनराशि ट्रांसफर कर सकते है, उसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं होता।

इस वर्ष साइबर ठगी

  • 867 मामले साइबर ठगी के जनपद में दर्ज किए गए 30 नवंबर तक।
  • 91.89 करोड़ रुपये साइबर अपराधियों ने लोगों के ठगे।
  • 52.95 कोड़ रुपये सिर्फ शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ठगे गए।
  • 20.14 करोड़ रुपये पुलिस ने पीड़ितों को वापस कराए हैं।
  • 96 आरोपित इस वर्ष पकड़े गए हैं साइबर ठगी में।

(नोट-सभी आंकड़े 30 नवंबर तक के हैं)

यहां करें शिकायत

वित्तीय साइबर फ्राड होने पर 1930 पर कॉल करें।

सभी प्रकार की साइबर अपराध की घटना पर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।