गाजियाबाद में बेटे को मॉडलिंग की ट्रेनिंग दिलाने से शुरू हुई बात, घर बैठे कमाई का झांसा दे पांच लाख ठगे
साइबर ठगों ने डी-मैट खाते में उन्हें 30 से 40 प्रतिशत मुनाफा भी दर्शाया। इसके बाद पीड़िता से और कमाई के नाम पर धनराशि ट्रांसफर कराई गई। उनसे कुल 5.14 लाख रुपये ठगे गए। जब पीड़िता ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो उनसे अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने वसुंधरा निवासी एक महिला को उनके बेटे को मॉडलिंग का प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर बातचीत आगे बढ़ाई और फिर घर बैठे कमाई का झांसा देकर 5.14 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो उनसे अतिरिक्त धनराशि ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। शक होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में मामले की शिकायत की है।
वसुंधरा सेक्टर-11 निवासी रविका अग्रवाल अपने बेटे को मॉडलिंग का प्रशिक्षण दिलाने के प्रयास में थीं। इसी बीच उन्होंने फेसबुक पर विबी विक्टोरी नाम का एक विज्ञापन देखा और दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। जिसके बाद उनके पास एक महिला ने फोन किया और बताया कि वह वंडर किड्ज की रिसेप्सनिष्ट है और बच्चे को मॉडलिंग प्रशिक्षण दिलाएंगे।
पहले तीन टास्क पूरे करने पर भेजे 150 रुपये
बच्चे के फोटो वाट्सएप पर मांगा गया। इसके बाद महिला को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर घर बैठे कमाई का झांसा दिया। शुरुआत में तीन टास्क पूरे करने पर 150 रुपये रविका अग्रवाल के खाते में भेज दिए। उसके बाद टास्क खरीदने के नाम पर और धनराशि ट्रांसफर कराई। परेशान होकर पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में मोबाइल नंबर और खाता नंबरों के आधार पर केस दर्ज कराया है।
मॉल कर्मचारी से 5.32 लाख रुपये ठगे
उधर, एक अन्य मामले में साइबर अपराधियों ने मॉल में काम करने वाली महिला को घर बैठे कमाई का झांसा देकर 5.32 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता को बताया कि रोजाना 150 रुपये निवेश करने पर दो से चार हजार रुपये कमाए जा सकते हैं। इसके बाद पीड़िता से टास्क पूरा करने के नाम पर धनराशि ट्रांसफर करा ली गई। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
झंडापुर निवासी मंजू एक माल में नौकरी करती हैं। पांच मई को उनके मोबाइल पर साइबर ठगों ने लिंक भेजा। इसमें घर बैठे कमाई का झांसा दिया गया। मंजू ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उन्हें बताया कि 180 रुपये निवेश कर प्रतिदिन दो से चार हजार रुपये कमाए जा सकते हैं।
ठगों ने पीड़िता से ऑनलाइन फार्म भरवाया और डीमैट खाता खोलकर निवेश शुरू कराया। पीड़िता ने नौ मई तक 5.32 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जबकि डी-मैट खाते में उन्हें 10 लाख से अधिक का मुनाफा दर्शाया गया। जब मंजू देवी ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो साइबर ठगों ने अतिरिक्त धनराशि ट्रांसफर करने का दबाव बताया। परेशान होकर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
दोनों पीड़िताओं की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर हई है उनकी जानकारी कर खाते फ्रीज कराए जा रहे हैं। मोबाइल नंबरों की डिटेल निकलवाकर शीघ्र आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। -पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी क्राइम
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