गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में (पीएमईजीपी) शामिल है। कुछ बैंकों की मनमानी की वजह से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के लाभार्थी स्वरोजगार के लिए मिलने वाले ऋण एवं सब्सिडी से वंचित हैं। इनमें स्टेट बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं के नाम सबसे ऊपर हैं।

कुछ बैंक की शाखाएं कर रही मनमानी

प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली पीएमईजीपी योजनाओं के साथ कुछ बैंक शाखाएं मनमानी कर रही हैं। आवेदकों के ऋण स्वीकृत होने के बावजूद ऋण वितरण में हीलाहवाली जारी है। जिले के बैंकों की बात करें तो खादी एवं ग्रामोद्योग की ओर से विभिन्न बैंक शाखाओं में 148 आवेदकों ने 1605.54 लाख रुपये ऋण के लिए आवेदन किया था। इनमें से कुल 35 ऋण स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 21 आवेदकों को अभी तक कुल 205.44 लाख रुपये वितरित हुए हैं। इनमें 68 आवेदन लंबित और 48 निरस्त किए जा चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस के बावजूद बैंक शाखाएं गंभीर नहीं है।

खादी ग्रामोद्योग विभाग में पीएमईजीपी का हाल

बैंक - आवेदक - निरस्त - लंबित - स्वीकृत - वितरण

एसबीआइ - 11 - आठ - दो - एक - एक -

पीएनबी - 42 - 13 - 26 - तीन - दो

कैनरा बैंक - 46 - 22 - 12 - 14 - 11

कई आवेदक कागजात लेकर नहीं पहुंचते

योजनाओं के तहत ऋण के लिए बैंकों को आनलाइन फाइल मिल रही हैं। इसकी हर पहलू पर जांच के बाद ही ऋण स्वीकृत किए जाते हैं उनकी अगली कार्रवाई के लिए नजर रखी जा रही है। कई मामलों में सामने आते हें कि आवेदक बैंक के बुलावे पर कागजात लेकर नहीं पहुंचे। प्रयास यही है कि पात्रों को ऋण जल्द से जल्द मिले।

हिमांशु शेखर तिवारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक

जारी है निरंतर प्रयास 

सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत नए प्रोजेक्ट के साथ उद्यमी ऋण के लिए आवेदन करते हैं। बैंकों से पात्रों को ऋण दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कुछ बैंक शाखाओं का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ऋण स्वीकृत होने के बावजूद काफी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके लिए बैंक अधिकारियों से बात की जा रही है।

संजय कुमार, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी

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Edited By: Prateek Kumar

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