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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hijab Controversy In UP: गाजियाबाद में हिजाब पहनकर कालेज पहुंचीं छात्राओं को गेट पर रोका, दिल्ली-मेरठ हाईवे पर हंगामा

By Abhishek TiwariEdited By:
Published: Tue, 03 May 2022 08:45 AM (IST)Updated: Tue, 03 May 2022 09:08 AM (IST)

Hijab Controversy in Ghaziabad गाजियाबाद के गिन्नी देवी मोदी गल्र्स डिग्री कालेज में सोमवार को एमए व एमएससी की छात्रओं ...और पढ़ें

गाजियाबाद में हिजाब पहनकर कालेज पहुंचीं छात्राओं को गेट पर रोका
गाजियाबाद में हिजाब पहनकर कालेज पहुंचीं छात्राओं को गेट पर रोका

मोदीनगर, जागरण संवाददाता। हिजाब पहनकर सोमवार को गिन्नी देवी मोदी गल्र्स डिग्री कालेज में टैबलेट लेने पहुंचीं छात्राओं को गेट पर ही रोक दिया गया। इसके बाद छात्राओं ने दिल्ली-मेरठ हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। छात्राओं ने पहले हाईवे जाम करने का प्रयास किया, फिर कालेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कालेज प्रबंधन का कहना है कि ड्रेस कोड का पालन नहीं करने पर छात्रओं को रोका गया था। हिजाब के मुद्दे को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।

तय था ड्रेस कोड

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को टैबलेट व स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को गिन्नी देवी मोदी गल्र्स डिग्री कालेज में एमए व एमएससी की छात्राओं को टैबलेट बांटे जाने थे। सुबह करीब 10 बजे टैबलेट वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ।

इस बीच कुछ छात्राएं हिजाब में पहुंच गईं। कालेज प्रबंधन ने टैबलेट लेने के लिए आइकार्ड व ड्रेस अनिवार्य किया था। इसलिए इन छात्राओं को रोक दिया गया। कालेज की प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा ने छात्राओं से ड्रेस पहनकर कालेज आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और कालेज के सामने हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया। जाम लगाने की कोशिश की और कालेज प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए। कुछ ही दूरी पर तैनात पुलिस ने छात्राओं को समझाकर हाईवे से हटाया।

वीडियो वायरल: करीब पांच मिनट तक हुए छात्राओं के प्रदर्शन का वीडियो रुबीना मलिक नाम के एक ट्विटर हैंडल से वायरल हो गया। कुछ ही देर में सैकड़ों लोगों ने इसे शेयर किया तो पुलिस कालेज में पूछताछ करने के लिए पहुंच गई।

इस मामले में प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा ने कहा कि छात्राएं कालेज की यूनिफार्म पहनकर नहीं आई थीं। उनसे कहा गया कि कल यूनिफार्म पहनकर आना, तभी टैबलेट दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हिजाब का आरोप पूरी तरह गलत है। कुल 69 छात्राओं को टैबलेट देना था, जिनमें 55 को बांटे जा चुके हैं। 

वहीं सीओ मोदीनगर सुनील कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर छात्राओं को चिह्नित किया जा रहा है। उनसे पूछताछ की जाएगी। साथ ही जिस अकाउंट से वीडियो शेयर किया गया है, उसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।