गाजियाबाद-नोएडा समेत 13 जिलों में टीकाकरण को लेकर फर्जीवाड़ा, बिना टीका लगे यू-विन पोर्टल पर दर्ज हो रहा विवरण
गाजियाबाद समेत कई जिलों में टीकाकरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यू-विन पोर्टल पर बिना टीका लगाए ही लाभार्थियों का विवरण दर्ज किया जा रहा है। शासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कदम उठा रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मदन पांचाल, गाजियाबाद। पांच साल तक बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव को संचालित नियमित टीकाकरण को लेकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को लगने वाले टीकों की भी निगरानी नहीं हो रही है।
गाजियाबाद-गौतमबुद्ध नगर समेत 13 जिलों में बिना टीका लगाए यू-विन पोर्टल पर लाभार्थियों की प्रविष्टि की जा रही है। शासन स्तर पर यू-विन पोर्टल की प्रविष्टि एवं लाभार्थियों के दिए गए मोबाइल नंबर की जांच में 26 केस पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर जांच के दायरे में आ गये हैं।
सबसे अधिक गौतमबुद्ध नगर में छह केस पकड़े गये हैं। एनएचएम की प्रदेश मिशन निदेशक डा. पिकी जोवल ने सभी सीएमओ को आदेश जारी किया है कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।
इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं के अलावा पांच साल तक के बच्चों के नियमित टीकाकरण में सुधार को लेकर जनपद स्तर पर निगरानी समितियां बनाने की तैयारी चल रही है।
पांच महीने में 2.32 करोड़ बच्चों का हुआ टीकाकरण
केंद्र सरकार के निर्देश पर नियमित टीकाकरण की रियल टाइम संग्रहत करने एवं त्रुटिहीन सूचना एकत्र करने को उत्तर प्रदेश में 13 मार्च 2024 को यू-विन पोर्टल लांच किया गया था। मिशन निदेशक के पत्र के अनुसार अबत तक प्रदेश में 42 लाख टीकाकरण सत्रों का आयोजन करते हुए 67 लाख गर्भवती महिलाओं और पांच साल तक के दो करोड़ 32 लाख बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।
पत्र में लिखा है कि संज्ञान में आया है कि जनपद आजमगढ़, बुलंदशहर,देवरिया,इटावा,फतेहपुर,गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद,हमीरपुर, हरदोई,मैनपुरी,मेरठ,सम्भल और शाहजहांपुर में लाभार्थियों को बिना टीका लगाये ही पोर्टल पर विवरण दर्ज किया गया है।
वैक्सीन की वायल की अलग से होगी जांच
नियमित टीकाकरण में लक्ष्य पूरा करने के लिए सत्र स्थल पर बिना टीका लगाये यू-विन पोर्टल पर मोबाइल से ही प्रविष्टि दर्ज की जा रहीं है। कई बार एएनएम,स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट किसी का भी नाम एवं नंबर दर्ज कर देती हैं।
विवरण में टीका और वैक्सीन की वायल का डाटा भी दर्ज किया जाता है। पकड़े गये केसों में वैक्सीन की वायल की अलग से जांच होगी। इसके लिए संबंधित खाली वायल सुरक्षित रखवा दी गईं हैं।
शासन स्तर से बिना टीका लगाये यू-विन पोर्टल पर प्रविष्टि दर्ज करने संबंधी पत्र मिला है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फर्जीवाड़ा रोकने को सख्त कदम उठाये जाएंगे।
- डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ
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