Kanwar Yatra 2025: माता-पिता का आशीर्वाद लेकर श्रवण कुमार का संदेश दे रहे तीन चचेरे भाई, तारीफ कर रहे लोग
Kanwar Yatra 2025 गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान तीन चचेरे भाई नीरज दीपक और रामभवन साहू श्रवण कुमार का संदेश देते दिखे। उन्होंने कलश कांवड़ पर अपने माता-पिता की तस्वीरें लगाईं। तीनों भाई 3 जुलाई को हरिद्वार से 51-51 लीटर जल लेकर दिल्ली के संगम विहार तक जाएंगे। नीरज एक कंपनी में सुपरवाइजर हैं दीपक इतिहास के छात्र हैं और रामभवन कंप्यूटर रिपेयरिंग का काम करते हैं।

दीपा शर्मा, गाजियाबाद। कांवड़ मार्ग पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया। हर दिन मार्ग की भव्यता बढ़ रही है। दूर-दराज के इलाकों के रहने वाले कांवड़िये कई दिन पहले से जल लेकर गाजियाबाद के कांवड़ मार्ग से गुजरना शुरू हो गए हैं। कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों की भक्ति के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिल रहे हैं।
कुछ इसी तरह शनिवार को गाजियाबाद में दिल्ली मेरठ रोड कांवड़ मार्ग पर तीन चचेरे भाई नीरज, दीपक व रामभवन साहू कांवड़ यात्रा के दौरान श्रवण कुमार का माता-पिता की सेवा करने का संदेश देते दिखाई दिए। तीनों भाई अपने माता-पिता को कांवड़ में बिठाकर तो नहीं ला सके, लेकिन इन्होंने कलश कांवड़ के ऊपर अपने माता-पिता की फोटो कपड़े पर छपवाकर सामने की ओर लगाई हुई है।
3 जुलाई को उठाई थी कलश कांवड़
मूल रूप से अयोध्या मदनपुर खादर के रहने वाले तीनों भाईयों ने तीन जुलाई को हरिद्वार से 51-51 जल के साथ कलश कांवड़ उठाई थी। जिसे वह संगम विहार दिल्ली तक लेकर जाएंगे। नीरज साहू ने अपने पिता द्वारका प्रसाद साहू और मां राजकुमारी की फोटो लगाई हुई है।
अयोध्या में मदनपुर खादर के रहने वाले रामभवन साहू ने मां लाखा देवी और भोलेनाथ की फोटो कांवड़ पर लगाई हुई है। इसके अलावा दीपक साहू ने दादा देवी प्रसाद साहू, दादी रानी देवी, पिता श्रवण कुमार साहू और मां सुनीता देवी की फोटो कलश कांवड़ के ऊपर लगाई हुई है।
इनमें एक चौथी बार कांवड़ ला रहे हैं और दो ने छठी बार कांवड़ उठाई है। तीनों का कहना है कि यदि माता-पिता खुश हैं तभी ईश्वर को भी प्रसन्न किया जा सकता है।
कांवड़ लाने के लिए ली हुई है छुट्टी
20 वर्षीय नीरज साहू एक कंपनी में सुपरवाइजर हैं। जिन्होंने कांवड़ यात्रा के लिए छुट्टी ली हुई है। दूसरे 21 वर्षीय दीपक साहू इग्नू से हिस्ट्री आनर्स कर रहे हैं और तीसरे भाई 23 वर्षीय रामभवन साहू कंप्यूटर रिपेयरिंग का काम करते हैं। जिन्होंने कांवड़ यात्रा के लिए अपने काम से छुट्टी की हुई है।
बढ़ रही कलश कांवड़ियों की संख्या
कांवड़ मार्ग पर कलश कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों की संख्या फिलहाल ज्यादा देखने को मिल रही है। 23 जुलाई को शिवरात्रि का जलाभिषेक किया जाएगा। समय से अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कलश कांवड़ लाने वाले और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले शिवभक्त जल्दी ही कांवड़ उठा लेते हैं।
एक-दो दिन में सामान्य कांवड़ लाने वाले भक्तों की संख्या कांवड़ मार्ग पर बढ़ जाएगी। शिवरात्रि से पहले डांक कांवड़िये मार्ग पर ज्यादा देखने को मिलते हैं।
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