साहिबाबाद, अवनीश मिश्र। मासूम का घर। पांचवां दिन। द्वार पर बैठकर रोती बूढ़ी दादी। ढांढ़स बंधाने की नाकाम कोशिश करते रिश्तेदार। अचानक कुत्तों के भौंकने की आवाज आती है। सभी आवाज की दिशा में देखते हैं। पुलिस के आलाधिकारी खोजी कुत्ते के साथ उनकी ओर आते दिखते हैं। साहसा सभी खड़े हो जाते हैं। पुलिस अधिकारी उनके पास रुकते हैं। मासूम के स्वजन को बुलाकर उसके कपड़े मांगते हैं और छानबीन शुरू हो जाती है। तीन घंटे की छानबीन में अहम सुराग मिलता है और संदिग्ध का स्केच जारी हो जाता है। मासूम के स्वजन को उम्मीद की किरण नजर आती है। यह मार्मिक दृश्य सोमवार को साहिबाबाद कोतवाली क्षेत्र में दरिंदगी के बाद मौत के घाट उतारी गई पांच साल की मासूम बच्ची के घर के बाहर दिखा।

लखनऊ तक पहुंची गूंज

जिले में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद हुई इस घटना की गूंज प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंची है। शासन स्तर पर इस मामले की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। चार दिनों तक इस मामले में कोई अहम सुराग नहीं मिला तो नकारात्मक चर्चाएं शुरू हो गईं। इसका असर भी दिखा। सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस अधीक्षक अपराध दीक्षा शर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम स्वतंत्र सिंह डाग स्क्वाड के साथ फिर से घटना स्थल पर पहुंचे। खोजी कुत्ते की मदद से करीब तीन घंटे तक छानबीन की। कुत्ता पहले तो कालोनी में ही घूमता रहा। उसके बाद वह घटना स्थल और जंगल में करीब सात-आठ सौ मीटर दूर डियर मार्ग तक गया।

जोड़ा तार से तार

तीन घंटे की छानबीन में अहम सुराग मिले तो पुलिस अधिकारियों ने शुरू से लेकर अब तक के साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़ना शुरू किया। पहले दिन मिली संदिग्ध युवक की फुटेज को स्थानीय निवासियों को दिखाया। उन्हें बताया कि संदिग्ध युवक घटना वाले दिन कालोनी की एक बच्ची के पीछा करते हुए करीब सात-आठ सौ मीटर तक आया था। उसके बाद बिजली चली जाने की वजह से कैमरा बंद हो गया था लेकिन वह पीछे से कैमरे में कैद हो गया था। उसका चेहरा कैमरे में नहीं आया था। उस बच्ची ने उस फुटेज की तस्दीक की। इसके बाद पुलिस ने एक महिला से मिली जानकारी को इस तथ्य से जोड़ा। महिला ने बताया था कि एक कान में बाली पहनने वाला नशेड़ी युवक क्षेत्र में दिखा था। उसकी हरकत काफी संदिग्ध थी। उस युवक का हुलिया सीसीटीवी कैमरे में कैद संदिग्ध से मिलता-जुलता पाया गया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय निवासियों और उस महिला की मदद से संदिग्ध का स्केच तैयार कराया। उसे जारी करके लोगों से उस शक्ल के युवक के बारे में जानकारी देने की अपील की।

थाना प्रभारी ने किया सीन रिक्रेशन

साहिबाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सचिन मलिक ने सोमवार को बच्ची के शव मिलने वाले स्थान पर सीन रिक्रेशन किया। ऐसा करके वह संदिग्ध की लंबाई और चौड़ाई जाने की कोशिश की। उसका संदिग्ध की फुटेज से मिलान किया। स्केच जारी करने में इससे भी मदद मिली। पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में अहम सुराग मिला है। उसकी मदद से संदिग्ध युवक का स्केच जारी किया गया है। लोगों से उस शक्ल के युवक के बारे में जानकारी साझा करने की अपील की गई है।

यह है मामला

साहिबाबाद कोतवाली की एक कालोनी में राजमिस्त्री परिवार के साथ रहता है। उसकी पांच साल की बेटी एक दिसंबर की दोपहर में करीब दो बजे घर के बाहर से अगवा हो गई थी। करीब 20 घंटे बाद दो दिसंबर की सुबह उसका शव घर से करीब 30 मीटर की दूरी पर मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।

Edited By: Gaurav Tiwari

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