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    Ground Water Level: घटते भूजल स्तर ने बढ़ाई गाजियाबाद वालों की टेंशन, जानिए क्या उपाय कर रहे जिम्मेदार

    Updated: Thu, 14 Aug 2025 11:11 AM (IST)

    गाजियाबाद में भूगर्भ जलस्तर गिर रहा है जिसे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन 500 मृत कुओं को जिंदा करेगा। भोजपुर ब्लॉक में 173 कुएं मृत पाए गए। सीएसआर फंड से कुओं को पुनर्जीवित किया जाएगा और अतिक्रमण हटाया जाएगा। अवैध आरओ प्लांट और बोरवेल पर सख्ती की जाएगी साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। कुओं को पुनर्जीवित करने से भूगर्भ जलस्तर में सुधार होगा।

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    विकास भवन सभागार में बैठक लेते सीडीओ अभिनव गोपाल। सौ. प्रशासन

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। भूगर्भ जलस्तर का लगातार नीचे गिरना चिंता का विषय है। इसकी एक वजह कुओं का मृत हो जाना है। जिला प्रशासन ने अकेले भोजपुर ब्लॉक में रिमोट सेंसिंग सर्वे कराया तो पता चला कि ब्लॉक के 173 कुएं मृत हो चुके हैं।

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    ऐसे में जिले के चारों ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र में 500 से अधिक कुओं के मृत होने का अनुमान है। अब इनको सीएसआर फंड के माध्यम से जिंदा करने के लिए अभियान चलाया जाएगा, कुआं पर हुए अतिक्रमण को ध्वस्त कराया जाएगा। जिससे कि भूगर्भ जलस्तर बढ़ सके।

    जिले में अवैध आरओ प्लांट के साथ ही अवैध रूप से वाहनों की धुलाई सेंटर का संचालन करने और बिना अनुमति के सबमर्सिबल किए जाने से भूगर्भ जलस्तर गिर रहा है। इसके लिए एक साल पहले अभियान चलाकर लगभग 150 आरओ प्लांट बंद कराए गए थे।

    सख्ती कम होने पर लोगों ने दोबारा अवैध आरओ प्लांट चालू किए हैं, इसको लेकर बुधवार को विकास भवन में आयोजित जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की बैठक में सीडीओ ने अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।

    उन्होंने कहा कि अवैध बोरवेल मिलने पर संबंधित को नोटिस देकर 30 दिन में खुद ही बोरवेल को बंद करने के लिए कहा जाए, यदि कोई व्यक्ति नोटिस के बाद भी अवैध बोरवेल को बंद नहीं करता है तो उसे बंद कराने के साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाए।

    इसके अलावा भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए उन्होंने बंद होे चुके कुओं को सीएसआर फंड के माध्यम से दोबारा चालू कराने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में नोडल अधिकारी सृष्टि जायसवाल, अधिशासी अभियंता आलोक रंजन, अंश कुमार सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।

    भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए कुओं पर की गई स्टडी में पता चला कि यदि एक कुएं के आसपास स्थित 2,500 स्क्वायर मीटर जमीन का पानी जाता है। जिले में सालाना 2300 एमएम वर्षा होती है। ऐसे में यदि एक कुआं जीवित किया जाता है तो इससे भूगर्भ जलस्तर ऊपर आएगा।

    - अभिनव गोपाल, सीडीओ

    स्थान - 2022 में मानसून से पहले जलस्तर - 2022 में मानसून के बाद जलस्तर

    • भोजपुर ब्लाक - 10.21 - 9.52
    • लोनी ब्लाक - 23.96 - 24.00
    • मुरादनगर ब्लाक - 5.50 - 4.55
    • रजापुर ब्लाक - 21.15 - 24.02
    • शहरी क्षेत्र - 29.09 - 28.83

    नाेट - यह आंकड़े मीटर में हैं।