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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद पशु काटने के मामलों में टॉप 15 जिलों में शामिल, रिपोर्ट में खुलासा

Published: Mon, 15 Sep 2025 09:04 PM (IST)

गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर प्रदेश में पागल जानवरों के काटने के मामलों में टॉप 15 में हैं। 2024 की सूची में ...और पढ़ें

गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर प्रदेश में पागल जानवरों के काटने के मामलों में टॉप 15 में हैं। फाइल फोटो
गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर प्रदेश में पागल जानवरों के काटने के मामलों में टॉप 15 में हैं। फाइल फोटो

HighLights

  1. गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर टॉप 15 जिलों में शामिल
  2. आवारा कुत्तों के काटने पर 92% लगवा रहे टीका
  3. गाजियाबाद में 3.07 लाख लोगों ने एआरवी लगवाई

मदन पांचाल, गाजियाबाद। गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद पागल जानवरों के काटने के मामले में प्रदेश के टॉप 15 जिलों में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज सक्सेना द्वारा वर्ष 2024 के आधार पर जारी 15 जिलों की सूची में आगरा पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर आजमगढ़ है।

पागल जानवरों के काटने पर सबसे अधिक लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इस सूची में बुलंदशहर छठे, गौतमबुद्धनगर आठवें, मेरठ ग्यारहवें और गाजियाबाद 12वें स्थान पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार मेरठ मंडल के चार जिलों में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। गली-मोहल्लों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी लगाने की तैयारी की जा रही है।

इस रिपोर्ट के अनुसार आवारा कुत्तों के काटने पर 92 फीसदी लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा रहे हैं। बाकी आठ फीसदी लोग बंदर, चूहे और बिल्ली के काटने पर एआरवी लगवा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन घायलों की बढ़ती संख्या से रेबीज संक्रमण का डर बढ़ रहा है।

यह हाल तब है, जब एआरवी निशुल्क लगाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साढ़े तीन साल में गाजियाबाद में 3.07 लाख लोगों ने कुत्ते, बिल्ली और बंदरों के काटने पर एआरवी लगवाई है। चालू वित्तीय वर्ष के पांच महीनों में 10,725 लोगों ने जिला एमएमजी अस्पताल में आकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है।

इनमें से 4681 लोगों को सिर्फ आवारा कुत्तों ने काटा है। 2697 लोगों को पालतू कुत्तों, 1614 लोगों को बिल्लियों, 1519 लोगों को बंदरों और 193 लोगों को चूहों ने काटा है। सोमवार को दोनों अस्पतालों में 59 बच्चों समेत कुल 305 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है। इनमें 156 लोग शामिल हैं जिन्हें पहली खुराक मिल चुकी है।

राज्य के 15 जिलों का विवरण

जिला पागल जानवर के काटने के कुल मामले
आगरा 174060
लखनऊ 173759
आजमगढ़ 171568
बरेली 169816
बदायूं 166752
बुलन्दशहर 161588
अलीगढ 142146
गौतमबुद्धनगर 133545
वाराणसी 131457
प्रयागराज 131143
मेरठ 128501
गाजियाबाद 107724
अयोध्या 100341
जौनपुर 100294
हाथरस 93438

जिला एमएमजी अस्पताल की पांच माह की रिपोर्ट

जानवर का नाम अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त
कुत्ते 1508 1503 1222 1284 1853
आवारा 905 977 778 835 1186
पालतू 603 526 452 449 667
बिल्ली 348 462 188 535 81
बंदर 395 323 451 278 72
चूहे 69 23 29 43 29
कुल 2320 2411 1890 2140 2035

वर्ष में कुत्ते के काटने के कुल मामले

वर्ष कुत्ते के काटने के कुल मामले
2022 56299
2023 75561
2024 104389
2025 49917

एंटी-वायरस सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. नितिन से रेबीज़ का टीका लगवाने के लिए परामर्श लिया जा सकता है। इसके बाद, आपातकालीन स्थिति में 24 घंटे निःशुल्क एआरवी और एआरएस लगाने की व्यवस्था है।

- डॉ. राकेश कुमार सिंह, सीएमएस, जिला एमएमजी अस्पताल