विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghaziabad News: ई-संजीवनी योजना में रुचि नहीं ले रहे CHO, 18 अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

Published: Mon, 06 Oct 2025 11:37 PM (IST)

गाजियाबाद में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ई-संजीवनी योजना में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एक ...और पढ़ें

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ई-संजीवनी योजना में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ई-संजीवनी योजना में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

HighLights

  1. सीएचओ की ई-संजीवनी में कम रुचि |
  2. लक्ष्य से कम परामर्श पर कार्रवाई |
  3. ई-संजीवनी घर पर स्वास्थ्य सेवा |

मदन पांचाल, गाजियाबाद। केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को लेकर गंभीर है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ई-संजीवनी योजना में कम रुचि दिखा रहे हैं।

1 सितंबर से 30 सितंबर तक की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 18 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लक्ष्य से बहुत कम मरीजों को ई-संजीवनी के तहत परामर्श प्रदान किया। इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि इनमें से एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ने 30 दिनों में केवल एक मरीज को परामर्श प्रदान किया। रिपोर्ट के अनुसार, चार विकास खंडों में कुल 76 सीएचओ तैनात हैं। सितंबर में ई-संजीवनी योजना के तहत 9,792 मरीजों को टेली-परामर्श प्राप्त हुआ।

औसतन, प्रतिदिन पाँच मरीजों को टेली-परामर्श प्राप्त हुआ। यह इस तथ्य के बावजूद है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सभी सीएचओ को पर्याप्त चिकित्सा संसाधन, दवाइयाँ और लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं। उन्हें वेतन के अलावा प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है।

सितंबर माह की ई-संजीवनी रिपोर्ट का विवरण

विकासखंड कुल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कुल टेली-परामर्श 120 से अधिक 50-120 के बीच 50 से कम
भोजपुर 15 2284 13 2 0
लोनी 19 2451 12 7 0
मुरादनगर 22 2589 16 5 1
राजापुर 20 2568 15 4 1

भोजपुर प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर जोया के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ने 104 लोगों को परामर्श प्रदान किया, और बड़याल्या के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ने 114 लोगों को परामर्श प्रदान किया।

लोनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर खरखड़ी के सीएचओ ने 97 लोगों को, रिस्तल के सीएचओ ने 100 लोगों को, जवाली के सीएचओ ने 109 लोगों को और महमूदपुर के सीएचओ ने 100 लोगों को परामर्श प्रदान किया। टीला शहबाजपुर के सीएचओ ने 110, अगरौला के सीएचओ ने 111, बंथला के सीएचओ ने 112 और बंथला के सीएचओ ने 117 मरीजों को परामर्श प्रदान किया।

मुरादनगर ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर खिमावती के सीएचओ ने 40, अबूपुर के सीएचओ ने 86, मनौली के सीएचओ ने 100, ढिंढार के सीएचओ ने 102, पुरसी के सीएचओ ने 105 और डिडौली के सीएचओ ने 113 मरीजों को परामर्श प्रदान किया।

राजापुर ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जलालाबाद के सीएचओ ने केवल एक मरीज़ को परामर्श दिया। मोहनपुर के सीएचओ ने 96 मरीज़ों को, सिकरौदा के सीएचओ ने 109 मरीज़ों को, भूड़गढ़ी के सीएचओ ने 110 मरीज़ों को और कुशलिया के सीएचओ ने 116 मरीज़ों को परामर्श दिया।

ई-संजीवनी योजना के बारे में जानें

ई-संजीवनी योजना एक राष्ट्रीय टेली-परामर्श सेवा है। इसका उद्देश्य मरीज़ों को उनके घरों और नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। यह अस्पतालों में डॉक्टरों और घर पर मरीज़ों के बीच सुरक्षित और संरचित वीडियो-आधारित नैदानिक ​​परामर्श को सक्षम बनाता है।

यह डॉक्टर-से-मरीज टेलीमेडिसिन प्रणाली भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित है। इस योजना के तहत, केंद्र में तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएचओ) और डॉक्टर ज़िला-स्तरीय विशेषज्ञों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, निजी विशेषज्ञों और लखनऊ के विशेषज्ञों से परामर्श प्रदान करते हैं।

ई-संजीवनी योजना के तहत, जिला स्तरीय विशेषज्ञों, मेडिकल कॉलेज और लखनऊ के विशेषज्ञों से टेली-परामर्श अनिवार्य है। लक्ष्य प्रतिदिन कम से कम दस रोगियों को परामर्श देना है। सीएचओ और डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ