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    गाजियाबाद शहर में नहीं है डंपिंग ग्राउंड, डबारसी में कूड़ा डालने का भी विरोध शुरू

    Updated: Thu, 21 Aug 2025 08:52 AM (IST)

    गाजियाबाद नगर निगम के पास डंपिंग ग्राउंड नहीं होने के कारण डबारसी में कूड़ा डाला जा रहा है जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि कूड़े की बदबू से उनका जीना मुश्किल हो गया है। निगम ने एक किसान से जमीन का अनुबंध किया था लेकिन अन्य किसानों के विरोध के कारण स्थिति तनावपूर्ण है। प्रशासन पर ग्रामीणों की आवाज दबाने का आरोप है।

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    गाजियाबाद नगर निगम का कार्यालय। फोटो सौजन्य- जागरण आर्काइव

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नगर निगम के पास शहर में अपना कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं है। ऐसे में नगर निगम की ठेकेदार फर्म निजी लोगों से करार कर उनकी जमीनों पर कूड़ा डालती है। मुरादनगर के बाद अब डबारसी में कूड़ा डालना निगम द्वारा शुरू किया गया है।

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    वर्तमान में यहां 100-125 ट्रक कूड़ा डंप किया जा रहा है लेकिन डबारसी में कूड़ा डालने का भी विरोध शुरू हो गया है। लोगों को कहना है कि कूड़े के कारण क्षेत्र में बदबू के कारण बुरा हाल हो गया है। मामले में नगर निगम की मनमानी के खिलाफ कुछ लोग कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

    दरअसल, नगर निगम ने पिछले दिनों एक किसान से 40 बीघा जमीन पर डंपिंग साइट बनाने के लिए अनुबंध किया था लेकिन गांव के अन्य किसान विरोध कर रहे हैं। थे। इसीलिए किसानों ने डबारसी में डंपिंग साइट तक पहुंचने वाले रास्ते में गड्ढे कर दिए थे, लेकिन निगम ने पुलिस बुलाकर गड्ढे भरवाए और कूड़ा डाला जा रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रशासन की सरासर मनमानी है। पुलिस प्रशासन के बल पर आम लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मालूम हो कि डबारसी में डंपिंग यार्ड के लिए गत मार्च माह से काम चल रहा था।

    मौके पर कूड़े के निस्तारण के लिए मशीनें भी पहले ही लगा दी गई थी। निगम अधिकारियों का कहना है कि डबारसी स्थित डंपिंग साइट पर प्रतिदिन 1200 मिट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो रहा है। प्रतिदिन शहर से करीब 1500 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है।