Ghaziabad: दुष्कर्म पीड़िता ने दी पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर धरने की चेतावनी, पोस्टर चिपाककर लगाए गंभीर आरोप
डेढ़ साल पहले एक कॉलोनी में अपहरण के बाद युवती से हुए दुष्कर्म के मामले में पीड़िता पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने की चेतावनी दी है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकी मिली थी। पुलिस ने केस दर्ज किया लेकिन आरोपितों को नहीं पकड़ा गया।
गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। डेढ़ साल पहले एक कॉलोनी में अपहरण के बाद युवती से हुए दुष्कर्म के मामले में पीड़िता पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने की चेतावनी दी है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकी मिली थी।
पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन आरोपितों को नहीं पकड़ा गया। पीड़िता को आरोपितों से डर बना है। इस संबंध में उन्होंने बुधवार को ट्वीट भी किया, जिसमें धरने की चेतावनी दी है।
साथी बना रहे दबाव
जनवरी 2022 में युवती के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म किया था। मामले में युवती के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया था। उसके कई साथी भी गिरफ्तार किए गए। आरोप है कि तभी से आरोपित के साथी युवती पर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्हें लगातार धमकी मिल रही हैं।
छह अधिक आरोपी जेल भेजे गए
मामले में पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस अब तक छह से अधिक आरोपितों को जेल भेज चुकी है। लेकिन आरोपित तब भी अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे। पीड़िता को धमकी मिल रही है। पीड़िता का कहना है कि कुछ महीने पहले पुलिस ने घर में घुसकर उनके व उनकी मां के साथ अभद्रता की थी।
इस पर पुलिस अधिकारियों ने जांच बैठाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस विभाग से आरटीआई के तहत जवाब भी मांगे थे। लेकिन जवाब नहीं मिले।
क्या कह रही पुलिस?
वहीं, मामले में एसीपी मोदीनगर का कहना है कि पुलिस पर लगे आरोप गलत हैं। अधिकांश मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पीड़िता की पुलिस हर संभव मदद कर रही है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।