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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghaziabad Fire News: लोनी में मच्छर भगाने के लिए कमरे में लगाई थी अगरबत्ती, आग लगने से दो भाइयों की मौत

Published: Mon, 23 Dec 2024 09:09 AM (IST)

गाजियाबाद के लोनी कोतवाली थाना क्षेत्र की प्रशांत विहार कॉलोनी में शनिवार देर रात एक मकान के कमरे में आग ...और पढ़ें

Ghaziabad Fire News: लोनी में कमरे में आग लगने से दो भाइयों की जान गई। फोटो- जागरण
Ghaziabad Fire News: लोनी में कमरे में आग लगने से दो भाइयों की जान गई। फोटो- जागरण

HighLights

  1. लोनी कोतवाली क्षेत्र के प्रशांत विहार कॉलोनी का मामला
  2. कमरे में सो रहे थे 16 और 18 वर्षीय दो भाई
  3. अगरबत्ती से कपड़े ने पकड़ी आग, अस्पताल में हुई दोनों की मौत

संवाद सहयोगी, गाजियाबाद। लोनी कोतवाली थाना क्षेत्र की प्रशांत विहार कॉलोनी में शनिवार देर रात मकान के कमरे में आग लग गई। कमरे में सो रहे दो भाइयों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार का दावा है कि आग मच्छर भगाने की अगरबत्ती से लगी। हालांकि अग्निशमन विभाग को आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है।

लोनी स्थित प्रशांत विहार के घर में लगी आग लगने से जला सामान। फोटो- जागरण

कमरे में सो रहे थे 16 और 18 वर्षीय दो भाई

मूल रूप से पूरनपुर नवादा, बागपत के नीरज कुमार पत्नी संतोष और तीन बेटों के साथ प्रशांत विहार कॉलोनी में रहते हैं। नीरज फैक्ट्री में काम करते हैं। उनका बड़ा बेटा कौशल सिक्योरिटी गार्ड है। 18 वर्षीय दूसरा बेटा अरुण कक्षा 12 वीं और 16 वर्षीय तीसरा बेटा वंश कक्षा 10वीं के छात्र थे। शनिवार रात बिजली नहीं आ रही थी। कौशल रात की ड्यूटी पर थे।

फाइल फोटो। 

मच्छर भगाने के लिए कमरे में लगाई थी अगरबत्ती

अरुण व वंश कमरे में बेड़ के नीचे मच्छर भगाने की अगरबत्ती जलाकर सो गए। जबकि माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात ढ़ाई बजे पिता की आंख खुली तो बेटों के कमरे से धुआं निकल रहा था। माता-पिता कमरे के पास गए तो उसमें अंदर आग लगी थी। दरवाजे की अंदर से कुंडी बंद थी।

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लोगों ने पानी डालकर बुझाई आग 

ऐसे में उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया। शोर सुनकर पड़ोसी उनके घर पहुंच गए और कमरे का गेट तोड़ दिया। कमरे के अंदर से बड़ा बेटा अरुण बाहर आकर गिर गया। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई और छोटे बेटे वंश को बाहर निकाला। दोनों बेटों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में ले जाया गया, जहां वंश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

उपचार के कुछ देर बाद ही अरुण की भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता नीरज कुमार का कहना है कि उनके दोनों बेटे पढ़ाई के साथ घर पर सिलाई का भी काम करते थे। कमरे में फर्श पर कटे हुए कपड़े पड़े थे। अंदेशा है कि मच्छर भगाने की अगरबत्ती से कपड़ों ने आग पकड़ ली।

अग्निशमन की टीम के पहुंचने से पहले बुझा दी थी आग

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि अग्निशमन विभाग को शनिवार रात 3:18 बजे आग लगने की सूचना मिली। एक फायर टैंकर मौके पर भेजा गया। उनके पहुंचने से पहले ही आग को बुझा दिया गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है।

आग में झुलसे अरुण और वंश की मौत हो गई। वहीं पिता नीरज कुमार का कहना है कि आग बुझाने की गाड़ी उनके घर तक नहीं पहुंची। जबकि सड़क इतनी चौड़ी है कि गाड़ी आसानी से आ सकती थी।