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    गाजियाबाद में GDA का 239 करोड़ बकाया, 5 हजार से ज्यादा डिफॉल्टरों के घर पहुंचेगी टीम; रद हो सकता है आवंटन

    Updated: Sun, 01 Sep 2024 11:43 AM (IST)

    गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने अपना बकाया वसूलने की तैयारी कर ली है। बिल्डर और आवंटियों से बकाया वसूली के लिए जीडीए पांच हजार से ज्यादा डिफॉल्टरों को नोटिस भेजेगा। बकाया रुपये जमा नहीं करने पर डिफॉल्टरों के घर का आवंटन रद हो सकता है। वर्तमान में जीडीए का आवंटियों पर 125 करोड़ और बिल्डर्स पर 114 करोड़ रुपये बकाया है।

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    जीडीए का बकाया जमा नहीं करने वालों का आवंटन रद होगा। फोटो- जागरण

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। बिल्डर और आवंटियों से बकाया वसूली के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने योजना तैयार की है। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने कहा कि प्राधिकरण पांच हजार से अधिक बकायेदारों को नोटिस भेजकर बकाया 239 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी कर रहा है।

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    नोटिस भेजने के बाद सुपरवाइजर बकायेदारों के दरवाजों पर वसूली के लिए दस्तक देंगे। साथ ही, यदि कोई इसके बाद भी पैसा जमा नहीं करवाता तो आवंटन को निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्राधिकरण अब कई-कई वर्ष से बकाया न चुकाने वालों बिल्डर और आवंटियों से वसूली की तैयारी कर रहा है।

    बिल्डर्स पर है 114 करोड़ रुपये बकाया

    जीडीए का आवंटियों पर 125 करोड़ और बिल्डर्स पर 114 करोड़ रुपये बकाया है। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने संबंधित जोन प्रभारियों को निर्देशित करते हुए बकायेदारों को नोटिस भेजने के लिए कहा है। नोटिस के बावजूद बकाया जमा न कराने वालों के आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

    बकायेदारों के घर दस्तक देंगे सुपरवाइजर

    इसके अलावा बकाया वसूलने के लिए संबंधित जोन के सुपरवाइजर बकायेदारों के यहां जाकर दस्तक देंगे। जीडीए की ओर से एकमुश्त जमा योजना के तहत बकाया जमा करवाने का भी प्रयास किया जा चुका है, लेकिन आवेदन करने के बाद लोगों ने पैसा जमा नहीं किया।

    बकायेदारों में सर्वाधिक 3,061 डिफाल्टर नंदग्राम, 1,697 तुलसी निकेतन, 1,324 इंदिरापुरम के शामिल हैं। सर्वाधिक 100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया इंदिरापुरम के डिफाल्टर पर है।

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    बरेली कार्यभार न संभालने पर वेतन रोका

    जीडीए के मुख्य नगर नियोजक का बरेली विकास प्राधिकरण में रिक्त इसी पद पर स्थानांतरण किया गया। उन्हें सप्ताह में दो दिन शुक्रवार व शनिवार को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से भी संबद्ध किया गया था, लेकिन पदभार ग्रहण न करने पर उनका शासन से वेतन रोकने के साथ ही आदेश की अवहेलना पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक अजय कुमार सिंह का 25 जून 2024 को बरेली विकास प्राधिकरण में रिक्त इसी पद पर तैनात करते हुए सप्ताह में दो दिन मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से संबद्ध किया गया था। अजय कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिस पर शासन की ओर से एक जुलाई से कार्यमुक्त किया गया।

    अजय कुमार सिंह ने नहीं संभाला कार्यभार

    उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव महेंद्र प्रसाद भारती ने पत्र जारी करते हुए बताया कि अजय कुमार सिंह ने बरेली विकास प्राधिकरण में मुख्य नगर नियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। शासकीय आदेशों की अवहेलना पर उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के सुसंगत प्रविधानों के तहत कार्यभार ग्रहण न करने पर वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

    स्पष्टीकरण तत्काल न देने पर अजय कुमार सिंह के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। इसकी प्रतिलिपि जीडीए उपाध्यक्ष को भेजते हुए मुख्य नगर नियोजक का वेतन तत्काल रोकते हुए उक्त पत्र की प्रति के साथ सूचना शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।