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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वैक्सीनेशन और जागरूकता से सर्वाइकल कैंसर को दे रहीं मात, बचा रही किशोरियों का जीवन

Published: Thu, 25 Sep 2025 06:32 PM (IST)

गाजियाबाद में डा. मधु और उनकी टीम सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए एक अभियान चला रही हैं। वे ...और पढ़ें

डा. मधु अपनी टीम के साथ अब तक 10 हजार से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करा चुकी हैं। जागरण
डा. मधु अपनी टीम के साथ अब तक 10 हजार से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करा चुकी हैं। जागरण

मदन पांचाल, गाजियाबाद। नवरात्र के पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। मां से हम धन, संपदा, वैभव और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। लेकिन, हमारे समाज में कुछ ऐसी देवियां हैं, जिन्होंने हमारे बीच रहकर मातृ शक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा का बीड़ा उठाया हुआ है।

डा. मधु और उनकी टीम ने सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करने के लिए एक मुहिम छेड़ रखी है। वह और उनकी टीम किशोरियों को नि:शुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने के साथ गांव-गांव तक जागरूकता भी फैला रही हैं। डा. मधु अपनी टीम के साथ अब तक दस हजार से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करा चुकी हैं।

करीब 12 साल पहले डा. मधु के क्लीनिक पर सर्वाइकल कैंसर से ग्रसित एक गर्भवती इलाज के लिए पहुंचीं। सुरक्षित प्रसव के बाद उस महिला की मृत्यु हो गई। वे उस महिला को तो नहीं बचा सकीं लेकिन उन्होंने उसी वक्त ठाना कि वे अब इस बीमारी के प्रति नारी शक्ति को जागरूक करेंगी।

इसके बाद उन्होंने 27 सितंबर 2013 को ब्यूटीफुल टुमारो नामक एक समूह का गठन किया। इसमें उन्होंने महिला चिकित्सकों को जोड़ा। शुरुआत में मात्र तीन महिला चिकित्सक डा.सीमा वार्ष्णेय, डा.अंजना सब्बरवाल, डा.मनीषा अग्रवाल इससे जुड़ीं। वर्तमान में इस समूह में 50 से अधिक महिला चिकित्सक जुड़ी हुई हैं।

स्‍कूल-कॉलेज तक छात्राओं तक करा रहीं टीकाकरण 

इस  समूह  का  लक्ष्य  सरकारी  स्कूल  में  पढ़ने  वाली  आर्थिक  रूप  से कमजोर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाना होता है। इनमें नगर पालिका कन्या इंटर  कॉलेज  नवयुग  मार्केट,  कन्या  वैदिक  इंटर  कॉलेज  और जैन मती उजागर मल इंटर कॉलेज के अलावा अन्य सरकारी स्कूलों में टीकाकरण की यह मुहिम चल रही है।

डा. मधु बताती है कि इस टीके की कीमत बाजार में चार हजार रुपये है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग जागरूकता के अभाव और पैसों की कमी से किशोरियों का टीकाकरण नहीं कराते हैं। उन्होंने बताया कि हम सामाजिक संस्थाओं और बैंक के सीएसआर फंड से मिल रहे सहयोग से  सरकारी स्कूलों में शिविर लगाकर इस टीकाकरण की मुहिम को चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस मुहिम में अनुमति के साथ वैक्सीनेशन के लिए एएनएम और स्टाफ नर्स भी उपलब्ध करा रहा है।

डा. मधु बताती है कि अब तक दस हजार से अधिक किशोरियों का टीकाकरण किया गया है। उनका कहना है कि टीकाकरण और समय पर जांच से 98 प्रतिशत मामलों में सर्वाइकल कैंसर नियंत्रित हो सकता है।

एक लाख में 18 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित  

डा. मधु गुप्ता ने बताया कि सर्वे के अनुसार एक लाख में से 18 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित मिल रहीं है। हर साल 72 हजार महिलाओं की मौत एचपीवी वायरस के चलते हो रही है। वैक्सीन और स्क्रीनिंग से इसका बचाव संभव है। असुरक्षित यौन संबंध और साफ सफाई का ध्यान न रखने पर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पांच साल के अंतराल पर एचपीवी जांच जरूर करानी चाहिए। सर्वाइकल कैंसर को फैलने में 20 वर्ष लगते हैं। यदि शादी के पांच साल बाद जांच कराई जाए तो इसे प्रारंभिक स्तर पर ठीक किया जा सकता है।

इस समूह द्वारा स्कूल की 1200 से अधिक किशोरियों को निश्शुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई गई है। साथ ही छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूक भी किया गया है। इसका असर यह हुआ है कि किशोरियों के स्वजन अपनी अन्य बेटियों के वैक्सीनेशन के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।

डा. अंतिमा चौधरी, प्रधानाचार्य, नगर पालिका बालिका इंटर कालेज

एचपीवी वैक्सीन के बारे में जानकारी

एचपीवी वैक्सीन (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) को नियंत्रित करने को लगाई जाती है। इसकी दो डोज लगाई जाती है। यह वैक्सीन एचपीवी संक्रमण को रोकती है जो कैंसर या जननांग मस्से में बदल सकता है। वैक्सीन संक्रमण को रोकती है, लेकिन यह उपचार नहीं है। यदि आप पहले से ही एचपीवी के किसी विशेष प्रकार के संपर्क में आ चुके हैं, तो वैक्सीन संक्रमण को ठीक नहीं कर सकती है।

इस वायरस का सबसे आम संकेत जननांग क्षेत्र में मस्से होते हैं। जननांग मस्से खुरदरे होते हैं। वे त्वचा के टैग की तरह भी दिखाई दे सकते हैं। कम जोखिम वाले एचपीवी से संक्रमित होने के हफ्तों, महीनों या सालों बाद भी वे दिखाई दे सकते हैं।

सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी

गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर एचपीवी के कारण होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। लगातार संक्रमण के कारण पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करने वाले कम आम कैंसर भी होते हैं, जिनमें गुदा, योनि, मुंह, गले और लिंग के कैंसर शामिल हैं।