Ghaziabad: शिप्रा नियो सोसायटी में लिफ्ट में फंसने से डरी घरेलू सहायिका, सीढ़ियां चढ़कर 14वीं मंजिल पर पहुंची
उनका शोर सुनकर लोगों ने रखरखाव आफिस में सूचना दी और सुरक्षा गार्डों के साथ उन्हें करीब आधे घंटे में बाहर निकाला। सिंगारी ने बताया कि लिफ्ट में फंसने के दौरान उनके हाथ पैर कांपने लगे थे दिल की धड़कनें बढ़ गई थी।
गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। इंदिरापुरम की शिप्रा नियो सोसायटी में लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसी रही घरेलू सहायिका डरी हुई है। महिला 14वीं मंजिल पर सीढियां चढ़कर खाना बनाने पहुंची। दूसरी ओर आए दिन फसने से लोगों में रोष है।
नोएडा के छिजारसी की रहने वाली सिंगारी इंदिरापुरम के शिप्रा नियो सोसायटी के कई फ्लैटों में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। मंगलवार को वह सोसायटी के ए ब्लाक में लिफ्ट से 14वीं मंजिल पर खाना बनाने के लिए जा रहीं थी इस दौरान छठीं और सातवीं मंजिल के बीच लिफ्ट फस गई।
काफी देर तक लिफ्ट नहीं चली तो वह परेशान होकर रोने लगीं और शोर मचाना शुरू कर दिया। उनका शोर सुनकर लोगों ने रखरखाव आफिस में सूचना दी और सुरक्षा गार्डों के साथ उन्हें करीब आधे घंटे में बाहर निकाला। सिंगारी ने बताया कि लिफ्ट में फंसने के दौरान उनके हाथ पैर कांपने लगे थे दिल की धड़कनें बढ़ गई थी उन्हें लगा कि वह जीवित नहीं रहेंगी। लिफ्ट में से निकलने के बाद वह घर जाने के बाद बीमार पड़ गईं। उन्हें दवा लेनी पड़ी।
लिफ्ट में जाने में लग रहा डर
सिंगारी ने बताया कि उन्हें लिफ्ट में चढ़ने डर लगने लगा है। बुधवार को वह14 मंजिल तक सीढियां चढ़कर खाना बनाने के लिए पहुंचीं। उनका कहना है कि वापसी में एक महिला ने उन्हें दिलासा दिलाई कि हम साथ चल रहे हैं । इसके बाद वह लिफ्ट से उस महिला के साथ नीचे आईं।अभी भी वह अकेले लिफ्ट में आने - जाने बच रही हैं।
लिफ्ट में लगे रेसक्यू डिवाइस
सोसायटी की लिफ्ट में आटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस नहीं लगे हैं जिससे लिफ्ट फसने पर लोगों को परेशान होना पड़ता है। सोसायटी के ए ब्लाक की लिफ्ट आए दिन फसती है। लोगों का आरोप है कि कई बार लिफ्ट में आटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस लगाने की मांग की गई है लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई।
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