Ghaziabad News: काम नहीं आई ये ट्रिक तो नौकरानी ने किया ऐसा कांड, चंद मिनटों में घर कंगाल; बुजुर्ग को बाथरूम में किया बंद
गाजियाबाद के राजनगर में घरेलू सहायिका ने परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर लाखों के गहने लूट लिए। घरेलू सहायिका ने परिवार को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया और फिर घर से लाखों के गहने चुराकर फरार हो गई। बुजुर्ग ने शोर मचाया तो बेटी ने उन्हें बाथरूम से बाहर निकाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर के पॉश इलाके राजनगर में घरेलू सहायिका ने परिवार के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। खाने के बाद महिला और उनकी बेटी अचेत हो गई। घर में मौजूद बुजुर्ग ने भोजन नहीं किया था। सहायिका ने बुजुर्ग को अपने साथियों के साथ मिलकर बाथरूम में बंद कर दिया और गहने लेकर फरार हो गई।
घटना नौ मार्च की है। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर सोमवार को कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। राजनगर सेक्टर-तीन निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग बीसी बंसल के मुताबिक उनके यहां बेंगलुरु निवासी ईशा ने घरेलू सहायिका के रूप में छह मार्च से ही काम शुरू किया था।
नौ मार्च की रात खाने के बाद बीसी बंसल की पत्नी कमलेश पूरी तरह बेहोश हो गई, जबकि उनकी बेटी मेघना बंसल की स्थिति भी खराब हो गई।
बीसी बंसल को कैसे हुआ शक?
खुद बीसी बंसल ने भोजन नहीं किया था। पत्नी और बेटी के अचानक जल्दी सो जाने पर बीसी बंसल को शक हुआ और वह उनके कमरे में पहुंचे। आरोप है कि सहायिका ईशा और उसके पति व अन्य दो लोगों ने बीसी बंसल को बाथरूम में बंद कर दिया, जहां वे भी बेहोश हो गए।
कुछ देर बाद बीसी बंसल को कुछ होश आया तो उन्होंने शोर मचाया। तब उनकी बेटी मेघना की आंख खुली और उन्होंने पिता को बाथरूम से निकाला। पीड़ित का आरोप है कि सहायिका ईशा और उसके तीन साथी घर से सोने की चेन, अंगूठी और तीन मोबाइल चोरी कर ले गए हैं। घर में दो पेचकस भी मिले हैं। घरेलू सहायिका के कमरे से एक शीशी में पाउडर भी मिला है।
काम पर तीन दिन पहले रखा था, सत्यापन भी नहीं कराया
पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग ने घटना से तीन दिन पहले ही अपने एक परिचित की सिफारिश पर घरेलू सहायिका को काम पर रखा था। उसका पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के आधार पर आरोपितों का पता लगाने में जुटी है।
पति और उसके साथियों के साथ की वारदात
पत्नी और बेटी के अचानक जल्दी सो जाने पर बीसी बंसल को शक हुआ और वह उनके कमरे में पहुंचे। आरोप है कि सहायिका ईशा और उसके पति व अन्य दो लोगों ने बीसी बंसल को बाथरूम में बंद कर दिया। जहां वे भी बेहोश हो गए। कुछ देर बाद बीसी बंसल को कुछ होश आया तो उन्होंने शोर मचाया।
बेटी ने पिता को बाथरूम से निकाला
बेटी मेघना की आंख खुली और उन्होंने पिता को बाथरूम से निकाला। पीड़ित का आरोप है कि सहायिका ईशा और उसके तीन साथी घर से सात हजार रुपये की नकदी, सोने के कई जेवर चोरी करके भाग गए। एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है।
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