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    गाजियाबाद पहुंचे असम के CM बोले- मुगलों की पराजय को याद दिलाएगी लाचित की प्रतिमा

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र साइट चार में प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार की फैक्ट्री में पहुंचे। राम सुतार ने यहां पर लाचित बोड़फुकन की मूर्ति बनाई हैं। उन्होंने मूर्ति के बारे में जानकारी हासिल की। 15 जनवरी तक इस मूर्ति को असम के जोरहाट में लगाया जाना है। असम के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री शाम छह बज साइट चार पहुंचे।

    By Jagran NewsEdited By: GeetarjunUpdated: Sun, 16 Jul 2023 01:56 AM (IST)
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    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहुंचे औद्योगकि क्षेत्र साइट चार।

    गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र साइट चार में प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार की फैक्ट्री में पहुंचे। राम सुतार ने यहां पर लाचित बोड़फुकन की मूर्ति बनाई हैं। उन्होंने मूर्ति के बारे में जानकारी हासिल की। 15 जनवरी तक इस मूर्ति को असम के जोरहाट में लगाया जाना है।

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    असम के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री शाम छह बज साइट चार पहुंचे। यहां उन्होंने लाचित बोड़फुकन की प्रतिमा को देखा। मुख्यमंत्री ने दैनिक जागरण से कहा कि यह मूर्ति मुगलों की पराजय की याद दिलाएगी। राजा चक्रध्वज ने गुवाहाटी के शासक मुगलों के खिलाफ युद्ध में सेना का नेतृत्व करने के लिए लाचित बोड़फुकन का चयन किया था।

    उन्होंने मुगलों को पराजित कर दिया था। जनवरी तक इस प्रतिमा को स्थापित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वह और भी मूर्ति बनवा सकते हैं। उन्होंने अन्य मूर्तियां को देखकर उनकी सराहना की। राम सुतार ने उन्हें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आदि प्रतिमा के बारे में बात की।

    उन्होंने अयोध्या में लगाए गए वीणा का चित्र भी दिखाया। यह वीणा भी राम सुतार ने बनाया है। राम सुतार ने कहा कि 84 फीट की लाचित बोड़फुकन की प्रतिमा बनाई गई है। यह प्रतिमा कांस्य की है। प्रतिमा सहित यह पूरे प्रोजेक्ट की लागत 125 करोड़ रुपये है।

    प्रतिमा बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस प्रतिमा को असम के जोरहाट में लगाया जागए। 10 हिस्से में इसे जोरहाट ले जाया जाएगा। छह माह पहले इस मूर्ति को बनाने का काम शुरू किया था, जिस स्थान पर मूर्ति लगेगी वहां पर सभागार, पुस्तकालय, कैंटीन आदि भी बनाई जाएगी।

    इस स्थान पहले 10 फीट की मूर्ति लगी है। यह बड़ी संख्या में पर्यटन आते हैं। 84 फीट ऊंची प्रतिमा लगने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इस दौरान उनकी सुरक्षा में भारी पुलिस बल तैनात रहा।