विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

WhatsApp ग्रुप पर ISI का जासूसी नेटवर्क… मुंबई पोर्ट की रेकी करने वाले 5 नाबालिग समेत 9 गाजियाबाद से गिरफ्तार

Published: Sat, 21 Mar 2026 08:44 AM (GMT+05:30)

कौशांबी पुलिस ने जासूसी प्रकरण में नौ और आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच नाबालिग हैं। मुंबई पोर्ट पर ...और पढ़ें

कौशांबी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार आराेपित। (फोटो सौजन्य- पुलिस)

कौशांबी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार आराेपित। (फोटो सौजन्य- पुलिस)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। कौशांबी पुलिस ने देश के संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाने व जासूसी करने के प्रकरण में नौ अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से पांच आरोपित नाबालिग हैं।

एक आरोपित दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चालक था और उसने ही पोर्ट की रेकी कर वहां की लोकेशन, वीडियो व फोटो पाकिस्तान भेजे थे। उसी के खाते में पाकिस्तान से फंडिंग आती थी जो वह गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों में भेजता था।

ISI एजेंट के सीधा संपर्क में थे आरोपी

पकड़े गए सभी आरोपित पाकिस्तानी आइएसआइ एजेंट के सीधे संपर्क में थे और वाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए थे। मामले में दो आरोपित अभी फरार हैं, जिनके नाम प्रकाश में आए हैं, पुलिस उन्हें तलाश रही है। पुलिस पूर्व में मुख्य आरोपित समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनसे रिमांड पर पूछताछ चल रही है।

एडिशनल सीपी राजकरण नैय्यर ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों में मेरठ परतापुर का रहने वाला गणेश, बिहार के पूर्णिया जिला स्थित ओली टोला निवासी विवेक, मेरठ के शास्त्री नगर का गगन कुमार और नवीं मुंबई के रायगढ़ सोनारी का रहने वाला दुर्गेश शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- छोटी सूचना से बड़ा खुलासा: गाजियाबाद के बीट कांस्टेबल ने पकड़ा जासूसी नेटवर्क, 6 गिरफ्तार

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद जासूसी कांड में बड़ी कार्रवाई, 5 नाबालिगाें समेत 9 और गिरफ्तार; पाकिस्तानी आकाओं से जुड़े तार

इनके अलावा मेरठ, गाजियाबाद और कौशांबी के रहने वाले पांच नाबालिगों को भी पकड़ा गया है।

मुंबई पोर्ट पर ट्रक चालक है दुर्गेश

इनके पास से नौ मोबाइल और 10 सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चालक है। उसका संपर्क सुहले से हुआ और सुहेल ने उसका संपर्क पाकिस्तान में बैठे आका से कराया।

इसके बाद उसने मुंबई पोर्ट की फोटो, वीडियो व लोकेशन पाकिस्तान भेजनी शुरू की। दुर्गेश के ही खाते में पाकिस्तानी आका पैसे ट्रांसफर करता था और दुर्गेश बाकी सदस्यों के खाते में भेजता था।

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि कि गिरोह का सरगना सुहेल मलिक है। जबकि उसका सहयोग फरार आरोपित बिहार मुजफ्फपुर निवासी नौशाद अली व बिहार भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर करते हैं।

पूछताछ में पता चला है कि सभी आरोपित मिलकर सैन्य ठिकानों, कैंट, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख स्थानों समेत अन्य की लोकेशन, वीडियो व फोटो तैयार कर पाकिस्तानी नंबर पर भेज रहे थे।

पाकिस्तान से मिली ऑनलाइन ट्रेनिंग

इसके लिए उनके मोबाइल फोन में अलग-अलग एप इंस्टाल कराए गए थे और उन्हें इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तानी आका ने आनलाइन ट्रेनिंग दी थी। पकड़े गए आरोपितों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों के साथ मिलकर दिल्ली कैंट रेलवे व पानीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे लगाए थे।

आरोपितों का कहना है कि उन्हें देश भर में 50 से अधिक स्थानों पर कैमरे लगाने का टास्क मिला था।

भारतीय नंबर पर WhatsApp चला रहा है पाकिस्तानी सरगना

पाकिस्तान में बैठा हुआ सरगना भारतीय सिम पर वाट्सएप चला रहा है। इसी नंबर पर वह इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल करता है। गिरोह के सदस्यों ने उसे सिम का नंबर बताया और उसने आरोपितों से ओटीपी लेकर अपना वाट्सएप शुरू किया।

इसके लिए आरोपित फर्जी आइडी पर सिम लेकर एक्टिवेट कराते थे और उसका नंबर आका को देते थे। इसके लिए उन्हें 500 रुपये से 15 हजार रुपये तक दिए जा रहे थे। आरोपित अपने खाते में रुपये लेकर जन सेवा केंद्र या दुकानों के बार कोड पर ट्रांसफर कराते थे।

इसके बाद केंद्र संचालक व दुकानदारों से नकद रुपये लेते थे। जांच में पता चला है कि गिरोह में जासूसी के लिए ऐसे युवकों व नाबालिगों को शामिल किया जा रहा था जो तकनीक की थोड़ी जानकारी रखते हों और मोबाइल, सीसीटीवी व कंप्यूटर चलाना जानते हो और उन्हें पैसों की जरूरत हो।

यह भी पढ़ें- पोस्टरों से खुला था बड़ा आतंकी नेटवर्क, मैकेनिक के यहां बातचीत से बेनकाब हुआ जासूसी का जाल

यह भी पढ़ें- सावधान! संभल से पाकिस्तान भेजी जा रही थी खाटू श्याम मंदिर की तस्वीरें? इरम के जासूसी जाल का बड़ा खुलासा