जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : दिल्ली के मयूर विहार इलाके से दो दिन पहले अगवा हुई दस वर्षीय बच्ची को दिल्ली और साहिबाबाद पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर अर्थला स्थित एक मदरसे से बरामद कर लिया। दिल्ली पुलिस ने मौलवी और वहां पढ़ने वाले एक युवक को हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस बच्ची के बयानों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

मूलरूप से रायबरेली की रहने वाली बच्ची बीते पांच सालों से साहिबाबाद क्षेत्र की नीलमणि कॉलोनी में परिवार के साथ रहती थी। पिता एक पेय पदार्थ की कंपनी में काम करते हैं, जबकि मां ओखला दिल्ली स्थित एक कंपनी में काम करती हैं। 19 अप्रैल को परिवार दिल्ली की मयूर विहार कॉलोनी में रहने लगा था। 21 अप्रैल को माता-पिता ऑफिस गए थे और बच्ची घर में अकेली थी। शाम को मात-पिता घर लौटे तो बच्ची नहीं थी। पुलिस के अनुसार, आसपास के लोगों ने बताया कि वह अपनी एक सहेली के साथ बाहर निकली थी। परिजनों ने उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस के साथ की छापेमारी

दिल्ली पुलिस और साहिबाबाद पुलिस ने रविवार रात को अर्थला की नीलमणि कॉलोनी स्थित एक मदरसे में छापेमारी की। मदरसे की पहली मंजिल के एक कमरे से बच्ची को बरामद कर लिया। पुलिस ने मदरसे में मौजूद मौलाना और एक किशोर को भी हिरासत में लिया और दिल्ली ले गए। एसएचओ साहिबाबाद राकेश ¨सह ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर विरोध जताया था। मौलाना के जानकार और कुछ रिश्तेदार भी मौके पर आ गए थे। पुलिस ने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत करा दिया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि बच्ची पूर्व में मौलाना के पड़ोस में रहा करती थी। 

Posted By: Jagran

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