नगर निगम का सर्वे फेल! खोड़ा में हजारों घर अभी भी बेनंबर, लोग बोले- 'ये सिर्फ औपचारिकता है'
खोड़ा में घरों की पहचान के लिए नगर निगम द्वारा किए जा रहे सर्वे को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष है। उनका आरोप है कि 12 लाख की आबादी में से केवल 43,000 घरों की पहचान हुई है और कई घर सर्वे से छूट गए हैं। निवासियों की मांग है कि सर्वे पूरा किया जाए और घरों पर नंबर प्लेट लगाई जाएं। निगम का दावा है कि 90% सर्वे हो चुका है, लेकिन लोग इसे महज औपचारिकता बता रहे हैं।

खोड़ा में मकान पर लगी नंबर की पर्ची। जागरण
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। खोड़ा में घरों की पहचान के लिए चल रही कोशिशों के बीच, आबादी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम की इसे महज औपचारिकता बता रहा है। लोगों का आरोप है कि 12 लाख की आबादी में से 43,000 घरों की पहचान की गई है, जबकि कई घर सर्वे से गायब हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि सर्वे पूरा किया जाए और घरों पर नंबर प्लेट लगाई जाए।
नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि 90% इलाके का सर्वे हो चुका है, और इनमें से लगभग 80% घरों की नंबरिंग की जा रही है। स्थानीय निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 10% घर सर्वे से बाहर रह गए हैं। इलाके में लगभग 8,000 घरों की पहचान अभी बाकी है। सुमित ने बताया कि नगर निगम के सर्वे में कई घर अभी भी अज्ञात हैं। खोड़ा की आबादी 42 साल में काफी बढ़ गई है। सही से बसावट न होना इलाके की सबसे बड़ी समस्या है।
इलाके को अब सेक्टरों में बांट दिया गया है। नगर निगम 34 वार्डों को 10 सेक्टरों में बांटकर काम कर रहा है। घरों पर स्टिकर लगाकर उन्हें नंबर दिए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई घरों के नंबर बदल दिए गए हैं, जिससे हर बार परेशानी होती है। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अभिषेक कुमार ने कहा कि सर्वे अभी भी चल रहा है। नगर पालिका लोगों की सुविधा के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
मेरे घर पर अभी भी नंबर प्लेट या स्टिकर नहीं लगा है। जब मैं नगर पालिका कर्मचारियों से पूछती हूं, तो मुझे कोई जवाब नहीं मिलता।
- कृष्णा रानी शर्मा, स्थानीय निवासी
घरों पर नंबर नहीं होने की वजह से पता देना मुश्किल होता है। वे सिर्फ गली का नाम बता देते हैं। मेरे घर पर स्टिकर नहीं लगा है।
- चंचल गुप्ता, स्थानीय निवासी
घरों का सर्वे दोबारा होना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद कई घर सर्वे से छूट गए हैं। इसलिए नगर पालिका को लोहे की नंबर प्लेट लगानी चाहिए।
- सचिन कुमार, स्थानीय निवासी
लोगों ने नगर पालिका से लोहे की नंबर प्लेट लगाने की कई बार रिक्वेस्ट की है। अब घरों पर नंबर तो लग गए हैं, लेकिन यह सिर्फ फॉर्मेलिटी है।
- अमन कुमार, स्थानीय निवासी

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