जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : अर्थला स्थित दशमेश वाटिका के पास खाली मैदान में 27 जुलाई की सुबह ट्रॉली बैग में मिले महिला के शव की अब तक सही शिनाख्त नहीं हो सकी है। शिनाख्त के लिए लगी पुलिस की 10 दारोगाओं की टीम के हाथ खाली हैं।

अलीगढ़ में रहने वाले परिवार ने शव की गलत शिनाख्त की थी। इसकी तीन अगस्त को पुलिस को जानकारी मिली, तो अज्ञात के खिलाफ हत्या व अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। शव की शिनाख्त के लिए 10 दारोगाओं की टीम लगाई गई। सभी टीमें काम कर रही हैं। आसपास के जिलों, दिल्ली, हरियाणा व उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधा है। शव की फोटो व अन्य विवरण भेजा। उसके बारे में छोटी सी छोटी जानकारी साझा करने की अपील की। शव की फोटो व अन्य विवरण सहित पर्चे छपवाकर जगह-जगह चस्पा कराए हैं। सोशल मीडिया पर शव की फोटो व विवरण डालकर शिनाख्त की अपील की, लेकिन अब तक कहीं से कोई जानकारी नहीं हासिल हुई है। पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. मनीष मिश्र ने बताया है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। यह है मामला: 27 जुलाई की सुबह दशमेश वाटिका के पास खाली मैदान में एक ट्रॉली बैग में महिला का शव मिला था। रात में ही कस्बा जलाली, थाना हरदुआगंज जिला अलीगढ़ निवासी इस्माइल ने शव की शिनाख्त अपनी नवविवाहित बहन वरीशा के रूप में किया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर इस्माइल व स्वजनों को सौंप दिया था। इस्माइल ने शिकायत किया कि वरीशा की उसके पति आमिर, ससुर मुस्लिम व सास आमिर निवासीगण इस्लामाबाद थाना कोतवाली नगर जिला बुलंदशहर ने दहेज के लिए हत्या की है। उनकी शिकायत पर बुलंदशहर में तीनों आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तीनों गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। तीन जुलाई को बुलंदशहर पुलिस को वरीशा जीवित मिल गई। इससे साफ हो गया कि यहां बैग में मिला महिला का शव वरीशा का नहीं था।

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