न स्कूल, न खेलकूद… बाथरूम भी साथ जाती थीं तीनों बहनें, बीच वाली खुद को मानती थी 'लीडर'
ghaziabad triple suicide गाजियाबाद में तीन बहनों की सामूहिक आत्महत्या के बाद सोसायटी में गहरा गम है। लोग सुबह से ...और पढ़ें

तीनों बहनों के कमरे में फर्श पर बिखरी पड़ी थीं परिवार के सदस्यों की तस्वीरें।

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जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। तीनों बहनों द्वारा किए गए सामूहिक आत्महत्या (Ghaziabad triple suicide) के मामले के बाद से सोसायटी में गम का माहौल है। सुबह से ही लोग फ्लैट के सामने के पार्क में एकत्र हो गए थे। लोगों का जमावड़ा सुबह से लेकर शाम तक बना रहा।
लोगों का कहना है कि तीनों बहनें अक्सर फ्लैट में ही रहती थीं। वह तीनों बाहर बहुत ही कम निकलती थीं। उनके स्वजन भी सोसायटी के लोगों से कम ही वास्ता रखते थे। बच्चों को कभी भी घर से बाहर खेलते या सोसायटी में अन्य बच्चों से मिलते जुलते कभी नहीं देखा। तीनों बहनें एक-दूसरे से इस कदर जुड़ी थी कि वो बाथरूम भी साथ जाती थी, उनमें से बीच वाली बहन खुद को तीनों का लीडर मानती थी।
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सोसायटी की एओए के ज्वाइंट सचिव राहुल कुमार झा का कहना है कि पिछले तीन साल से चेतन परिवार के साथ सोसायटी में रहते हैं। घटना के बाद वह सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल जाते या खेलते-कूदते हुए कभी भी नहीं देखा।
एओए के उपाध्यक्ष अजय कसाना ने बताया कि बहनें स्कूल तो नहीं जाती थीं, लेकिन सोसायटी में ही कोचिंग पढ़ने की बात सामने आई है। उन्होंने भी कभी बच्चों को सोसायटी में खेलते हुए या आते-जाते नहीं देखा।

कोरियन मूवीज देखती थी बहनें
स्थानीय निवासी ज्योति कसाना ने बताया कि बहनें कोरियन सामग्री देखने की आदी थीं। इस लत को छुड़वाने के लिए माता-पिता को पहल करनी चाहिए थी। उनसे एकदम से मोबाइल फोन न छीनकर कुछ-कुछ समय के लिए मोबाइल फोन लेना चाहिए था। बच्चों से दोस्त जैसा व्यवहार कर उन्हें सही दिशा में लाना चाहिए था।
वहीं, स्थानीय निवासी अपर्णा ने बताया कि उन्होंने रात दो बजे सामने वाले टावर में एक बच्ची को खिड़की पर बैठे हुए देखा था। पहले तो उन्हें अटपटा लगा लेकिन बाद में बच्ची खिड़की से नीचे उतर गई। कुछ मिनट बाद ही फिर वह खिड़की पर आई और एक-एककर तीनों नीचे कूद गई तो उन्होंने शोर मचाया और वह मौके पर भाग कर पहुंची।
