गाजियाबाद में कैसे खुला बड़े जासूसी नेटवर्क का राज? बाइक मैकेनिक की दुकान पर रची जा रही थी खौफनाक साजिश
गाजियाबाद में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कौशांबी थाना क्षेत्र में बीट पुलिस अधिकारी की बाइक मैकेनिक की दुकान पर हुई बातचीत से यह खुलासा हुआ।
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बाइक मैकेनिक की दुकान पर बातचीत से खुला जासूसी नेटवर्क का राज। एआई जनरेटेड
HighLights
बीट पुलिस अधिकारी की बातचीत से जासूसी नेटवर्क का खुलासा।
छह जासूस गिरफ्तार, संवेदनशील स्थानों के वीडियो भेजते थे।
एनआईए और रॉ चार संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं।
विनीत कुमार, गाजियाबाद। आजकल ज्यादातर केसों पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और सीडीआर के जरिये अपराधियों तक पहुंचती हैं। लेकिन देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश बीट पुलिस अधिकारी की क्षेत्र में गश्त के दौरान हुई एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर बातचीत से हुआ।
14 मार्च को कौशांबी थाना क्षेत्र से छह जासूसों की गिरफ्तारी के पीछे की कहानी भी दिलचस्प है। इसमें पुलिस को कोई बहुत मशक्कत नहीं करनी पड़ी और न ही कोई बड़ा अभियान चलाना पड़ा।
मार्च की शुरुआत में कौशांबी थाना क्षेत्र में तैनात बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर पहुंचा। वहां कुछ युवक बैठे हुए थे। सामान्य बातचीत के दौरान एक युवक ने बताया कि वह सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता है।
वहीं, बातचीत आगे बढ़ने पर उसने यह भी बताया कि एक अन्य युवक कैमरे लगाकर फोटो और वीडियो बनाता है और रुपये कमाता है। इस सूचना को बीपीओ ने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया।
सुहेल मलिक उर्फ राेमियो को पकड़ा
पुलिस ने इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए उस युवक तक पहुंचते हुए मेरठ में सुभारती यूनिवर्सिटी के पास रहने वाले बिजनौर के नहटौर निवासी का मोबाइल फोन खंगाला गया तो पुलिस के होश उड़ गए। मोबाइल में रेलवे स्टेशन, सैन्य प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों की तैनाती वाले स्थानों के फोटो और वीडियो मिले। साथ ही कई संदिग्ध विदेशी नंबरों से बातचीत के साक्ष्य भी सामने आए।
इसके बाद पुलिस ने सुहेल मलिक उर्फ राेमियो से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि यह कोई एक-दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि संगठित तरीके से काम कर रहा गिरोह है।
रितिक गंगवार समेत कई गिरफ्तार
इसी आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए भोवापुर निवासी प्रवीन, संभल के ज्ञानपुर सिसौना निवासी इरम उर्फ महक, भोवापुर निवासी राज वाल्मिकी, शिवा वाल्मिकी और रितिक गंगवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी रुपयों के लालच में संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो बनाकर भेजते थे और अन्य युवाओं को भी इस काम में जोड़ रहे थे। अभी सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों से पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ कर रही है।
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चार संदिग्ध हिरासत में, आज होगी गिरफ्तारी
सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस ने चार अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। बृहस्पतिवार को एनआइए और रॉ अधिकारियों ने संदिग्धों से पूछताछ की है। पुलिस शुक्रवार को चारों आरोपितों की गिरफ्तारी दिखा सकती है।
