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    Ghaziabad News: भाड़े पर पति की हत्या कराने वाली पत्नी की जमानत अर्जी खारिज, एक लाख रुपये सुपारी देकर कराया था कत्ल 

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:37 AM (IST)

    गाजियाबाद में पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पत्नी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। महिला पर आरोप है कि उसने एक लाख रुपये की सुपारी देकर अपने पति का कत्ल करवाया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।

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    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र के साहिबाबाद गांव निवासी पति योगेश की एक लाख की सुपारी देकर हत्या करने वाली पत्नी पूजा की की जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था।

    बिजनौर के 34 वर्षीय योगेश कुमार की पूजा से शादी वर्ष 2013 में हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। पूजा का आशीष से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। जिस वजह से पति-पत्नी का विवाद रहता था। लिंक रोड थाने में दो अक्टूबर को योगेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आठ अक्टूबर को योगेश का शव पिलखुवा क्षेत्र में जंगल में मिला।

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    योगेश के भाई बृजपाल ने योगेश की पत्नी और प्रेमी आशीष पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि पत्नी पूजा व उसके प्रेमी आशीष ने चंद्रपाल को एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। चंद्रपाल ने अपने साथी प्रवीण के साथ पेपर कटर से वार कर योगेश की हत्या की थी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया था। पूजा योगेश से तलाक लेना चाहती थी लेकिन योगेश तलाक नहीं दे रहा था। कई माह तक पूजा आशीष के साथ पिलखुआ में एक किराये के मकान में लिव-इन में रही थी।

    पहले दो बार कर चुकी थी हत्या का प्रयास 

    पत्नी इससे पहले दो बार हत्या का प्रयास कर चुकी थी, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली थी। 24 सितंबर को आरोपितों ने योगेश को पिलखुवा बुलाया और जंगल में ले जाकर हत्याकांड को अंजाम दिया। परिवार व पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद पूजा ने लिंक रोड थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने हत्या पूजा और उसके प्रेमी आशीष को गिरफ्तार कर हत्या का पर्दाफाश किया था।

    हत्या में शामिल चंद्रपाल और प्रवीण को भी गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुष्पा की आरे से अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। आरोपित महिला के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि उसे केस में झूठा फंसाया गया है। वह निर्दोष है। उसका आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

    पूर्व में भी एक युवक से पूजा के रह चुके हैं अवैध संंबंध

    एसीपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि पूजा के आशीष से पहले सुखदेव नाम के एक युवक के संबंध थे। सुखदेव और आशीष कर्नाटक की एक टावर लगाने वाली कंपनी में काम करते थे। किसी बात को लेकर सुखदेव और पूजा में विवाद हो गया और दोनों का संपर्क टूट गया। इस दौरान सुखदेव ने पूजा का नंबर आशीष को दिया और सुलह कराने के लिए कहा। आशीष ने पूजा से फोन पर बात की तो दोनों के बीच दोस्ती हुई और संबंध बन गए।