गाजियाबाद में IPS की बेटी बनकर ठगे 10.50 लाख, यूट्यूब चैनल मोनेटाइज कराने का दिया था लालच
गाजियाबाद में एक युवक को यूट्यूब चैनल मोनेटाइज कराने के नाम पर साइबर ठगों ने 10.50 लाख रुपये का चूना लगाया। ठगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी की बेटी बताकर और बाद में आत्महत्या का झूठा नाटक रचकर पीड़ित को डराया और पैसे ऐंठे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर ठगों ने यूट्यूब चैनल मोनेटाइज कराने का लालच देकर एक युवक से 10.50 लाख रुपये ठग लिए। एक युवती ने पहले खुद को आईपीएस अधिकारी की बेटी बताया और बाद में सुसाइड का झांसा देकर पीड़ित को इस हद तक डरा दिया कि उसने बार-बार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कविनगर निवासी मयंक गर्ग ने 19 अगस्त को यूट्यूब चैनल मोनेटाइज कराने के लिए टेलीग्राम पर गाड आफ मोनिका नाम की आइडी से संपर्क किया। वहां उससे परी नाम की युवती ने बात की और दावा किया वह एक आईपीएस अधिकारी की बेटी है। इससे पीड़ित को युवती की बात पर भरोसा हो गया। यवती ने कहा कि वह टेलीग्राम चैनल के माध्यम से सब्सक्राइबर बढ़ाकर चैनल मोनेटाइज करवाती है।
धीरे-धीरे युवती ने काम के नाम पर उससे अलग-अलग बहानों से पैसे मंगाने शुरू कर दिए। कई किश्तों में रुपये देने के बावजूद न चैनल मोनेटाइज हुआ और न सब्सक्राइबर बढ़े। जब पीड़ित ने शिकायत की बात कही तो युवती ने अपने कथित भाई का नंबर दे दिया और कहा कि वह 10 सितंबर तक सारे पैसे लौटा देगा। 14 सितंबर को ठगों ने पैसे वापस करने के नाम पर दो हजार रुपये का एक फार्म शुल्क मांगा।
पीड़ित ने इस बार रुपये देने से मना किया। इसी बीच उसे एक फोन आया। काल करने वाले ने आरोप लगाया कि उसकी बहन मोनिका ने दबाव और शिकायत की धमकी से तंग आकर सुसाइड कर लिया है। कालर ने कहा कि अब उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उसे किसी भी वक्त गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा। इससे पीड़ित डर गए। ठगों ने इसी डर का फायदा उठाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
26 सितंबर को गिरोह ने मयंक को फिर फोन कर कहा कि अगर वह केस बंद करवाना चाहता है तो 10 लाख रुपये देने होंगे। डर और दबाव में पीड़ित ने कई ट्रांजेक्शन में रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। परेशान होकर पीड़ित ने तंग आकर पीड़ित ने आखिरकार साइबर थाने में शिकायत दी है। एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच कराई जा रही है। शीघ्र आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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