उद्योगों की सुरक्षा के लिए निजी एजेंसियों को तैयार करेगी सीआइएसएफ
-सीआइएसएफ के स्थापना दिवस पर गाजियाबाद पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कही बात फोटो 6 एसबीडी

-सीआइएसएफ के स्थापना दिवस पर गाजियाबाद पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कही बात फोटो 6 एसबीडी 2, 3 हो रही तैयारी
- सीआइएसएफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अगले 25 साल के रोडमैप पर शुरू करे काम
- ड्रोन विरोधी तकनीक पर काम कर रही डीआरडीओ व बीएसएफ, इसके लिए बनेगा कानून
- गृह मंत्री ने कहा औद्योगिक सुरक्षा के लिए ड्रोन विरोधी तकनीक पर काम करे सीआइएसएफ -354 धरोहरों को देशभर में सीआइएसएफ के जवान दे रहे हैं सुरक्षा
धनंजय वर्मा, साहिबाबाद : 'जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा तो अर्थव्यवस्था के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) द्वारा निजी सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिग दी जाएगी। निजी एजेंसियों के साथ सुरक्षा का माडल भी तैयार करेगी।', ये बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गाजियाबाद में कही। गृह मंत्री सीआइएसएफ के 53वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरापुरम स्थित पांचवीं आरक्षित वाहिनी में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि सीआइएसएफ आगामी 25 साल का रोडमैप तैयार करके साइबर सुरक्षा और ड्रोन विरोधी तकनीक पर काम करे। सीआइएसएफ के एक लाख 164 हजार से अधिक जवान अंतरिक्ष एवं परमाणु उर्जा केंद्र, बंदरगाह, हवाई अड्डे, मेट्रो समेत देशभर की 354 धरोहरों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। साथ ही 11 निजी संस्थानों को सुरक्षा दे रहे हैं। समय के साथ चुनौतियां बढ़ रही हैं। वह अकेले सभी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा नहीं संभाल पाएगी। जब देश आजादी की शताब्दी मनाएगा, तब देश कहां पहुंचा होगा यह संकल्प लेने का वर्ष है। अगले 25 साल में सुरक्षा, अंतरिक्ष, ड्रोन के क्षेत्र में उत्पादन व काम करने के लिए बड़ी संख्या में निजी इकाइयां आने वाली हैं। ऐसे में सुरक्षा का काम बढ़ जाएगा। इनकी सुरक्षा के लिए कानून व नियम भी बनाए जा रहे हैं। सीआइएसएफ इन निजी सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिग देने की जिम्मेदारी ले। एक हजार, पांच हजार, 10 हजार कर्मचारियों वाली निजी उत्पादन इकाइयों में सुरक्षा का माडल तैयार करे। धीरे-धीरे सीआइएसएफ निजी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दे। उन्होंने कहा कि सीआइएसएफ साइबर सुरक्षा की दिशा में भी काम करे। ड्रोन विरोधी तकनीक पर भी काम करे सीआइएसएफ : गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ड्रोन का खतरा हमारे सीमांत क्षेत्र और समुद्र के किनारे की औद्योगिक इकाइयों पर बढ़ रहा है। ड्रोन विरोधी पालिसी बनाई जा रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ड्रोन हमले से बचाव की दिशा में काम कर रहे हैं। सीआइएसएफ को भी इसमें जुड़कर यह देखना चाहिए कि ड्रोन से कैसे औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा पुख्ता की जा सकती है। इसके लिए ड्रोन रोधी इकाइयां भी स्थापित की जाएं। यूक्रेन से नागरिकों को आते देखकर मिलती है संतुष्टि : सीआइएसएफ के स्थापना दिवस समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूक्रेन से अपने देश के नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए 'आपरेशन गंगा' चलाया जा रहा है। नागरिकों को सुरक्षित आते देख संतुष्टि मिलती है। कोरोना काल में और अफगानिस्तान से भी लोगों को सुरक्षित लाया गया था। तब एयरपोर्ट पर सीआइएसएफ के जवानों ने उनका स्वागत किया। हालांकि कोरोना काल में बाहर से आने वाले लोगों के संपर्क में आने से कई सीआइएसएफ जवानों ने संक्रमित होने की वजह से अपनी जान गंवा दी थी। उन्हें मैं पूरे देश की तरह से श्रद्धांजलि देता हूं। तैयार किया जाएगा प्रस्ताव : सीआइएसएफ के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उपमहानिरीक्षक डा. अनिल पांडेय ने बताया कि देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों को सुरक्षा की प्राथमिक जानकारी भी नहीं है। ऐसी स्थिति में यह कदम बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो गया है। निजी एजेंसियों को ट्रेनिग देने के प्रस्ताव को लेकर जल्द ही बैठक की जाएगी। ट्रेनिग के लिए पैसा लिया जाएगा या नहीं इस पर सरकार ही निर्णय लेगी।
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