विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फुटपाथ पर मरीजों का इलाज करने वाला डाक्टर बेनकाब

By JagranEdited By:
Published: Wed, 06 Oct 2021 06:12 AM (IST)

क्लीनिक के पंजीकरण पर चला रहा था हास्पिटल करता था एलोपैथिक इलाज वीडियो वायरल होने के बाद हास्पिटल किया सील क्लीनिक का था पंजीकरण।

फुटपाथ पर मरीजों का इलाज करने वाला डाक्टर बेनकाब
फुटपाथ पर मरीजों का इलाज करने वाला डाक्टर बेनकाब

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद: डेंगू, वायरल बुखार और अन्य बीमारियों के कहर के बीच कठफोरी में फ्लाईओवर के फुटपाथ पर मरीजों का इलाज करने वाला डाक्टर बिना पंजीकरण के हास्पिटल चला रहा था। बीएएमएस डिग्री होने के बाद एलोपैथिक पद्धति से इलाज कर रहा था। फुटपाथ पर भर्ती मरीजों से पूरी फीस वसूली जाती थी। इसका वाीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को अन्यत्र भिजवाकर हास्पिटल सील कर दिया। अब क्लीनिक का पंजीकरण भी रद हो सकता है।

कठफोरी में बिना नाम के हास्पिटल चलाने वाला बीएएमएस डिग्री धारक डा. अश्वनी गुप्ता की क्लीनिक का पंजीकरण था। एलोपैथी से मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टर ने क्लीनिक की आड़ में हास्पिटल खोल लिया। बुखार और डेंगू के कहर में बेड बढ़ाकर 20 कर लिए। बेड फुल होने के बाद हास्पिटल से सामने हाईवे के दूसरी तरफ फ्लाईओवर के किनारे फुटपाथ पर मरीज भर्ती करना शुरू कर दिए। मरीजों के घर से बिस्तर मंगाए जाते और डिवाइडर पर लिटाकर ही ड्रिप चढ़ाई जाती थी। सोमवार को इलाज करने का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम चंद्रविजय सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डा. अशोक कुमार ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर नर्सिंग होम को सील कर दिया था। हास्पिटल का पंजीकरण नहीं था। आयुर्वेदिक डाक्टर एलोपैथी से इलाज नहीं कर सकता। डाक्टर को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके बाद क्लीनिक का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।

- हास्पिटल में 20 और फुटपाथ पर 22 मरीज

हालत यह थी कि डाक्टर की अवैध तरीके से चल रहे हास्पिटल में 20 मरीज भर्ती थे और डाक्टर 22 मरीजों को फुटपाथ पर लिटाकर इलाज कर रहा था। फ्लाईओवर की दीवार पर कील लगाकर ड्रिप लटकाई गई थी।

- धड़ल्ले से दी जा रही थी दर्द निवारक गोली, अप्रशिक्षित कंपाउंडर करते थे इलाज

एसीएमओ ने बताया कि उपचार की जांच में पता चला कि डाक्टर मरीजों को दर्द निवारक दवा वोबेरान दे रहा था, जबकि डेंगू में इस तरह की दवाई घातक हो सकती है। इसके अलावा हाईड्रोक्लोरोक्वीन दवा भी दी जा रही थी। फुटपाथ पर लिटाए गए मरीजों के इलाज के लिए चार कंपाउंडर थे, जो अप्रशिक्षित थे। डाक्टर के आवास में पंखा लगाते समय करंट से मिस्त्री की मौत

संस, सिरसागंज: फुटपाथ पर इलाज करते पकड़े गए डाक्टर गुप्ता के घर पर मंगलवार दोपहर पंखा लगाते समय करंट लगने से बिजली मिस्त्री 30 वर्षीय मिस्त्री कल्लू जोशी की मौत हो गई। मिस्त्री के स्वजनों ने शव को डाक्टर के घर के बाहर रख गए। काफी देर तक माहौल गरमाया रहा। इंस्पेक्टर आजाद पाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया है।