विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Fatehpur News: मकबरा-मंदिर विवाद से उपजा तनाव, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन; मजारों में तोड़फोड़

Published: Mon, 11 Aug 2025 12:36 PM (IST)Updated: Mon, 11 Aug 2025 02:06 PM (IST)

फतेहपुर में मकबरा मंदिर विवाद गहरा गया। मठ मंदिर संघर्ष समिति के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मकबरा स्थल तक ...और पढ़ें

मकबरा के अंदर घुसकर तोड़ी मजार लहराया भगवा।
मकबरा के अंदर घुसकर तोड़ी मजार लहराया भगवा।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। मकबरा मंदिर विवाद सोमवार को गहरा गया है। मठ मंदिर संघर्ष समिति के बैनर तले भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल और पूर्व विधायक विक्रम सिंह की अगुआई में भाजपाइयों ने डाक बंगले से मकबरा स्थल तक जुलूस निकाला।

हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने 300 भक्तों की टुकड़ी लेकर मकबरा के अंदर प्रवेश कर आरती पूजन किया। इस दौरान हिंदू पक्ष के लोगों ने मकबरा के अंदर बनी दो मजारों को डंडा मार कर तोड़ दिया है।

वर्तमान में डीएम−एसपी मौके पर हैं। एक तरफ से 2000 की संख्या में हिंदू पक्ष व दूसरी तरफ से लगभग डेढ़ हजार की संख्या में मुस्लिम पक्ष मकबरा के दाहिने और बाएं और जुटे हुए हैं।

मुस्लिम पक्ष की ओर से पथराव भी किया गया है हालांकि इस पथराव में कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन ने यहां पर सुरक्षा के इंतजाम और बढ़ा दिए हैं। भाजपाइयों का तर्क है, कि वह मकबरे के अंदर पूजा−अर्चना करेंगे तभी वापस जाएंगे। 

फतेहपुर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में अतिप्राचीन इमारत में मंदिर-मकबरा को लेकर मंदिर-मठ कमेटी जहां सोमवार को यहां पूजा-अर्चना और साफ-सफाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अडिग थी तो वहीं दूसरे पक्ष से भी इंटरनेट मीडिया में इसे मकबरा बताया जा रहा है। तनातनी के इस माहौल में प्रशासन ने रविवार को विवादित स्थल पर बैरिकेड्स लगवा दी है और पुलिस का सख्त पहरा लगा दिया है, ताकि किसी भी तरह से माहौल खराब न हो।

‘विवादित स्थल के लिए जब तक कोई कोर्ट आर्डर या फिर पुरातत्व विभाग का पत्र नहीं आ जाता है तब तक उसे जिस स्थिति में उसी स्थिति में रखा जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से सारे बंदोबस्त किए गए हैं, ड्रोन कैमरे से हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी।’--तारकेश्वर राय, शहर कोतवाल