करोड़ों की ठगी करने वाला इनामी देवेश लखनऊ में गिरफ्तार
जालसाजी - 13 फरवरी एफसीआइ प्रबंधक प्रयागराज ने दर्ज कराई थी एफआइआर -संविदा पर तैनात पल्

जालसाजी
- 13 फरवरी एफसीआइ प्रबंधक प्रयागराज ने दर्ज कराई थी एफआइआर
-संविदा पर तैनात पल्लेदारों को स्थायी नौकरी दिलाने में ठगे गए थे रुपये जागरण संवाददाता, फतेहपुर : उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम (एफसीआइ) में संविदा पर तैनात पल्लेदारों को स्थायी नौकरी का लालच देकर उनसे करोड़ों रुपये ठगने वाले 25 हजार रुपये के इनामी ठग देवेश कुमार सिंह को कोतवाली पुलिस ने लखनऊ एसटीएफ की मदद से सोमवार रात पराग डेयरी, चौराहे लखनऊ से धर दबोचा।
शहर कोतवाल सत्येंद्र सिंह को सोमवार देर रात 11 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी ठग देवेश कुमार लखनऊ में है। एसपी राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत लखनऊ रवाना हुई। एसटीएफ लखनऊ के उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह की मदद से देर रात 2.15 बजे पराग डेयरी चौराहे से देवेश कुमार सिंह को पकड़ लिया गया। शहर कोतवाल ने बताया कि देवेश उर्फ वीरू निवासी पूरबखेड़ा थाना कोतवाली जिला उन्नाव को कार व 600 रुपये नकद के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। विवेचना में स्पष्ट हुआ है कि पल्लेदारों को स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर गिरोह ने करीब एक हजार लोगों से करोड़ों रुपये हड़प लिए। गिरोह ने पड़ोसी जिले कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर में भी ठगी की थी।
बता दें, एफसीआइ प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक बृजेश सिंह ने 13 फरवरी 2021 को फतेहपुर आल इंडिया वेयर हाउसिग कारपोरेशन इंपलाइज यूनियन सुपरवाइजर के लेटर पैड में एफसीआई में स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे शासनादेश तैयार करने के आरोप का मुकदमा कराया था। इसमें रामगोपाल निवासी बिलरिया थाना रामपुर जिला सीतापुर, तेजपाल निवासी सरसई थाना मिश्रित जिला सीतापुर, कमलेश निवासी टिकरिया थाना खैराबाद जिला सीतापुर, देवेश कुमार सिंह निवासी पूरबखेड़ा थाना कोतवाली जिला उन्नाव को धोखाधड़ी व गबन का धाराओं में नामजद किया गया। विवेचना बाद पुलिस ने श्यामकिशोर पांडेय निवासी धौराहा थाना शाहबाद जिला हरदोई को भी नामजद किया था।
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पड़ोसी जिले के मजदूरों से ठगे थे लाखों रुपये
बाकरगंज चौकी प्रभारी अनिरुद्ध द्विवेदी ने बताया कि जालसाजों पर फतेहपुर के साथ सीतापुर व रामपुर में भी एफसीआइ में फर्जी शासनादेश व दस्तावेजों के सहारे पल्लेदारों को स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने का मुकदमा दर्ज है। आरोपित रामपाल, कमलेश, श्यामकिशोर इस समय सीतापुर जेल में निरुद्ध हैं। किसी पल्लेदार से दो लाख तो किसी से ती लाख रुपये लिए थे। गिरोह ने फर्जी वेबसाइट व सचिवालय के अनुसचिव के फर्जी लेटर भी तैयार करवा लिए थे।
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