जागरण संवाददाता, फतेहपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ललौली गांव में चकबंदी बीते दस वर्षों से चल रही है, लेकिन अब तक चकबंदी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। अंधेर तो यहां तक है कि अब तक किसानों के चक और सुरक्षित जमीनों का निर्धारण तक नहीं हो पाया है।
अब शासन ने सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र कुमार को इस लेटलतीफी का दोषी मानते हुए इनका वेतन रोक दिया है, शासन के संज्ञान लेने से विभाग में खलबली मच गई है।
दस साल पहले शुरू हुआ था चकबंदी कार्य
ललौली गांव 20 हजार आबादी वाला गांव है, यहां दस वर्ष पूर्व चकबंदी कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अब पूर्ण नहीं है। किसान हर दिन चकबंदी कार्यालय के चक्कर लगाते हैं, और अपनी अपनी चक बनवाने के लिए परेशान होते हैं, लेकिन अंधेर यह है कि अब तक इस गांव में चकबंदी का कार्य तेज गति से हुआ ही नहीं है।
लखनऊ में समीक्षा के बाद हुई कार्रवाई
चकबंदी विभाग के एसओसी शशांक पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा सहायक चकबंदी अधिकारी पर लखनऊ में हुई समीक्षा के दौरान की गई है। हालांकि अभी उनको जनपद में आए हुए तीन माह का समय है। वह ललौली प्रकरण को खुद ही देखकर नियमानुसार कार्रवाई तेज कराएंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।