बारूद से जा सकती आंखों की रोशनी
आंख शरीर का बेहद कोमल अंग होता है। इसी लिए कहा जाता है कि 'आंख है तो जहान है नहीं तो दुनियां वीरान ह
आंख शरीर का बेहद कोमल अंग होता है। इसी लिए कहा जाता है कि 'आंख है तो जहान है नहीं तो दुनियां वीरान है'। दीपावली ऐसा त्योहार है रंग में भंग कर सकता है। इसलिए हो सके तो पटाखों से दूरी बनाए रखें। यदि पटाखा छुटाना तो बेहद सावधानी बरतनी होगी। बुधवार को आयोजित जागरण प्रश्न प्रहर के कार्यक्रम में वरिष्ट नेत्र सर्जन डॉ. नीरज वर्मा ने मरीजों और तीमारदारों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। कहाकि पटाखों से निकलने वाला रासायनिक धुआं आंखों और स्वास्थ्य के लिए अहितकर होता है।
प्रश्न : दीपावली पर आतिशबाजी करने से पूर्व कौन -कौन सी सावधानी बरतें। अमित सोनकर किशुनपुर, योगेश गौती, नरसिंग गंभरी
उत्तर : दीपावली का पर्व हंसी खुशी से मनाएं। तेज रोशनी और आवाज वाले पटाखों से परहेज करें। धुएं से बचाव के लिए चश्मा पहने और पटाखा छुटाने के बाद आंखों को पानी से धोएं।
प्रश्न : सेल्समैन हूं आंखें में लालिमा बनी रहती है। जांच में नजर भी कमजोर नहीं है।
अजय कश्यप शादीपुर
उत्तर : आपको किसी चीज की एलर्जी हो सकती है। यह तो जांच के बाद ही पता हो सकता है। किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
प्रश्न : आंखों की पलकों में सूखी स्किन निकलती है। आंख खुजलाती है। आंखों से कीचड़ आता है। काजल से कुछ राहत मिल जाती है। दीपिका तिवारी जाफरगंज
उत्तर : दिक्कत से निजात के लिए सप्ताह में कम से कम दो बार एंटी डैंड्रफ सैंपू से बाल धोएं। इसके साथ नियोस्पोरिन-एक्स टूयूब पलकों पर लगाएं।
प्रश्न : रात में बल्ब आदि देखने पर गोल-गोल छल्ले दिखाएं देते हैं। 6 माह से समस्या ने घेर रखा है।
शाहिद मांझेपुर
उत्तर : यह कई कारणों से होता है। सबल बाई, ग्लूकोमा आदि की वजह से भी ऐसा हो जाता है।
प्रश्न : 8 साल के बच्चे के पटाखा छुटाने पर बारूद आंख में चली गई है। दो तीन दिन हो चुका है। सफेद हिस्से में लाल निशान बना हुआ है।
श्रीराम बिलंदा
उत्तर : आंख में किसी भी चोट को यथा शीघ्र किसी डॉक्टर को दिखाएं। यदि कोई कण आंख के अंदर है तो बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
प्रश्न : 45 साल की मां को 4 साल पूर्व का चश्मा अब काम नहीं कर रहा है। पढ़ने में दिक्कत होती है, सिर दर्द करता रहता है। हसन अहमद खजुहा
उत्तर : नि:संदेह चश्मे का नंबर बदल गया है। आंख और चश्मे की जांच नियमत: 6 माह में होनी चाहिए। जांच कराकर नया चश्मा बनवा लें।
पटाखा छुटाने से पूर्व यह बरतें सावधानी
-बारूद का कण जाते ही उसे स्वच्छ पानी से धोएं।
- घर का शुद्ध देशी धी अथवा नियोस्पोरिन-एक्स आइंटमेंट लगाएं।
- आंखों को हाथ से नहीं रगड़ें, ऐसा करने से घाव हो सकता है।
- बच्चों के पटाखा छुटाते समय अभिभावकों का रहना जरूरी।
- ढीले कपड़ों के बजाए चुस्त कपड़ों के साथ पटाखें छुटाएं।
- रेशमी कपड़ों के बजाए सूती कपड़े पहनें।
- तेज प्रकाश वाले पटाखों को लगातार नंगी आंखों से न देखें।
- पटाखा छुटाते समय यथासंभव चश्मे का उपयोग हितकर होगा।
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