छह किलोमीटर में पांच जगह जाम के स्पॉट
रेलवे स्टेशन से पांचाल घाट मार्ग सर्वाधिक व्यस्त मार्गों में से एक है। यातायात पुलिस की लापरवाही से छह किलोमीटर की इस सड़क पर पांच जगह जाम के स्पाट बन गए हैं। जहां अधिकतर समय फुटपाथ से लेकर सड़क तक वाहन खड़े रहते हैं यह स्थिति तब बनी जब वहां अवैध वाहन स्टैंड खोल दिए गए हैं। इससे जाम लगने से लोग घंटों फंसे रहते हैं।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : रेलवे स्टेशन से पांचाल घाट मार्ग सर्वाधिक व्यस्त मार्गो में से एक है। यातायात पुलिस की लापरवाही से छह किलोमीटर की इस सड़क पर पांच जगह जाम के स्पॉट बन गए हैं। जहां अधिकतर समय फुटपाथ से लेकर सड़क तक वाहन खड़े रहते हैं, यह स्थिति तब बनी जब वहां अवैध वाहन स्टैंड खोल दिए गए हैं। इससे जाम लगने से लोग घंटों फंसे रहते हैं।
पांचाल घाट पर छह दिन बाद रामनगरिया मेला लग जाएगा। यह मार्ग पहले से ही खासा व्यस्त है। मेले की वजह से बड़ी संख्या में गंगा स्नान करने वाले लोग ट्रेनों से उतरकर इसी मार्ग से पांचाल घाट जाते हैं। टेंपो व अन्य वाहनों से पहुंचने के लिए बमुश्किल 15 मिनट का समय लगना चाहिए, लेकिन स्टेशन से पांचाल घाट तक लगभग एक घंटा तक लग जाता है। स्पॉट एक : रेलवे स्टेशन गेट के सामने दोनों की ओर फुटपाथ व सड़क टेंपो एवं ई-रिक्शा से घिरी रहती है। ट्रेनों के आने जाने के समय इस कदर जाम लगता है कि लोग हार्न बजाते रह जाते हैं, लेकिन निकल नहीं पाते। अक्सर यात्रियों की ट्रेनें छूट जाती हैं। यह हालात तब हैं जब वहां रेलवे रोड पुलिस चौकी की पिकेट लगती है। पुलिस कर्मी भी इस समस्या पर ध्यान नहीं देते। स्पॉट दो : ट्रेनों के पास होने पर देवरामपुर रेलवे क्रासिग अक्सर बंद रहती है। क्रासिग से ट्रेन गुजरने के समय स्पीड कम हो जाती है, जिससे ट्रेनों से सवारियों उतर जाती हैं। इन्हीं सवारियों के लिए टेंपो व ई-रिक्शा वहां खड़े होते हैं। दिल्ली मार्ग की बसें भी इसी क्रासिग से गुजरती हैं। इसलिए क्रासिग बंद होने पर कुछ ही समय में यहां लंबा जाम लग जाता है। स्पॉट तीन : लालगेट पर फव्वारा के पास तिराहे पर तीनों तरफ कायमगंज मार्ग के डग्गामार वाहन व टेंपो खड़े रहते हैं। एक साथ कई वाहन सड़क पर खड़े होने से जाम लगता है। टेंपो चालकों का सड़क पर पूरी तरह कब्जा रहता है। यह लोग वाहन आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं। लालगेट पर यातयात पुलिस ने डिवाइडर लगा रखे हैं। पिछले कुछ दिनों से चालकों को हटाया जाता है, लेकिन वह नियंत्रण में नहीं रहते। स्पॉट चार : कादरीगेट पर दिल्ली व जयपुर जाने वाली निजी बसें सड़क के दोनों ओर खड़ी होती हैं। निजी बस चालकों के काउंटर भी फुटपाथ पर लग रहते हैं। इस वजह से वहां निकलने की जगह नहीं रहती। नगर पालिका परिषद के सीमा बोर्ड के नीचे भी दुकानदार सामान फैलाए हैं। यहां पर भी दिन में कई बार जाम लगता है। शाम को स्थिति बद से बदतर हो जाती है। स्पॉट पांच : पांचाल घाट चौराहे से गंगा पुल तक रोडवेज बसें, निजी बसें, डग्गामार वाहन व टेंपो हाईवे पर ही खड़े होकर सवारियां भरते हैं। व्यस्त हाईवे पर अक्सर जाम लगता है। पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यह हालात तब हैं कि जब चौराहे पर पुलिस चौकी है। इसके बावजूद समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों का चालान किया जाएगा। इसके बावजूद भी न सुधरे तो वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। सड़क व फुटपाथ पर स्टैंड नहीं चलने दिए जाएंगे।
- देवेश कुमार, यातायात प्रभारी
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