फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता: इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित होने के बाद अंकपत्र नहीं दिया गया। इस पर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, डीआइओएस व प्रधानाचार्य के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। अपर व्यवहार न्यायाधीश ने विवेक यादव ने मामले की सुनवाई करते हुए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पर अंक पत्र जारी करने और 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए।

फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के याकूतगंज निवासी अफसर हुसैन सिद्दीकी ने 29 सितंबर 2007 को न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा था कि उन्होंने मुरहास तिराहा स्थित स्वामी रामप्रकाश आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से वर्ष 1982 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। परिणाम घोषित होने के बाद जब उन्होंने अंकपत्र मांगा तो प्रधानाचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि बोर्ड से अंकपत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

50 हजार रुपये दो प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश

इस पर उन्होंने क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये दो प्रतिशत ब्याज समेत दिलाए जाने की याचिका दायर की। अवर व्यवहार न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पर 50 हजार रुपये दो प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। आरोपित प्रधानाचार्य व डीआइओएस के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए वाद निरस्त कर दिया गया।

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN

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