यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
World Record: PM नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में अयोध्या में बना विश्व रिकार्ड, एक साथ 15,76,000 दीप प्रज्ज्वलित
World Record in Ayodhya Deepotsav 2022 दीपोत्सव में अयोध्यावासियों ने एक साथ नौ लाख 44 हजार दीप प्रज्ज्वलित करने के ...और पढ़ें

अयोध्या, जेएनएन। World Record in Ayodhya Deepotsav 2022: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) रामनगरी अयोध्या में छठे दीपोत्सव पर पधारे। उनकी मौजूदगी में रविवार को रामनगरी ने विश्व रिकार्ड बनाया। अयोध्या में एक साथ 15 लाख 76 हजार दीपक जले तो रामनगरी का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Guiness Book of World Records) में दर्ज हो गया।
15 लाख से अधिक दीप जलाए, तोड़ा अपना ही रिकार्ड
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हुए दीपोत्सव में अयोध्यावासियों ने एक साथ नौ लाख 44 हजार दीप प्रज्ज्वलित करने के गत वर्ष के अपने ही रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए इस बार गिनीज बुक में 15 लाख 76 हजार दिये एक साथ जलाने का रिकार्ड अंकित कराया। हालांकि लक्ष्य साढ़े 14 लाख का ही था, जो काफी पीछे छूट गया।
अयोध्याजी दीपों से दिव्य
प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा भी कि आज अयोध्याजी दीपों से दिव्य हैं। भावनाओं से भव्य हैं। आज अयोध्या नगरी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छोटी दिवाली पर अयोध्या पहुंचे और श्रीराम लला विराजमान का दर्शन-पूजन कर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की प्रगति को भी देखा।
भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का पृष्ठ
रामलला के भव्य और दिव्य मंदिर के पांच अगस्त 2021 को भूमि पूजन के बाद पहली बार अयोध्या पधारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामराज में सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा की व्याख्या करते हुए कहा कि यह संयोग ही है कि संविधान की मूल प्रति के जिस पृष्ठ पर राम, लक्ष्मण व सीता के चित्र हैं, वह भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों का पृष्ठ है। राम संविधान में मौलिक अधिकारों के प्रणेता हैं। राम ने वनवास के समय सबका साथ लेकर लंका विजय की और जब सिंहासन पर बैठे तो सबको साथ रखा। राम किसी को पीछे नहीं छोड़ते, राम कर्तव्य भावना से मुख नहीं मोड़ते।
समाज ने जब भी कुछ नया किया तो एक नया उत्सव बन गया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम की पैड़ी पर दीपोत्सव का हिस्सा बने। उन्होंने यहां कहा कि भगवान राम की कृपा से ही अयोध्या की अलौकिकता का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला। भगवान राम पूरे विश्व को प्रकाश देने वाले और ज्योति पुंज है। ये दया, करुणा, मानवता, मर्यादा, समभाव, ममभाव और सबके साथ का प्रकाश है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज ने जब भी कुछ नया किया तो एक नया उत्सव बन गया। अयोध्या के दीये भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक हैं। हम उस सांस्कृतिक परंपरा के वाहक हैं, जिसमें पर्व और उत्सव जीवन का हिस्सा हैं। दीपावली के दीपक भारत के आदर्शों व मूल्यों का जीवंत ऊर्जा पुंज हैं। भारत ने मध्य और आधुनिक काल में अनेक बार अंधकार का सामना किया, लेकिन दीपक जलाना नहीं छोड़ा।
