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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ram Mandir Ayodhya Update: भूमिपूजन पर नौ रत्न से सजी हरी मखमली पोशाक पहनेंगे रामलला

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Tue, 28 Jul 2020 09:25 AM (IST)

Ram Mandir Ayodhya Update पीढ़ियों से रामलला के वस्त्र सिलने वाले भगवतप्रसाद सिल रहे खास पोशाक दो अगस्त तक होगी तैयार।

Ram Mandir Ayodhya Update: भूमिपूजन पर नौ रत्न से सजी हरी मखमली पोशाक पहनेंगे रामलला
Ram Mandir Ayodhya Update: भूमिपूजन पर नौ रत्न से सजी हरी मखमली पोशाक पहनेंगे रामलला

अयोध्या [रघुवरशरण]। Ram Mandir Ayodhya Update: पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन करेंगे, तब रामलला नौ रत्नों से जडि़त हरी मखमली पोशाक पहने नजर आएंगे। भूमिपूजन बुधवार को होगा और इस दिन के हिसाब से पोशाक का रंग हरा रखा गया है। सभी नौ ग्रहों की अनुकूलता की परिचायक रूप इस मखमली पोशाक पर नौ रत्न जड़े होंगे। ऐसी तैयारी सिर्फ रामलला के लिए ही नहीं, बल्कि भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न सहित रामदूत हनुमान और लालजी के विग्रह के लिए भी है। पोशाक के सेट में बिछावन-पर्दा भी शामिल है।

तीन पीढ़ियों से रामलला की पोशाक सिलने का काम कर रहे संजय प्रमोदवन स्थित अपने प्रतिष्ठान पर भाई, पिता और चाचा के साथ युद्धस्तर पर पोशाक तैयार करने में लगे हैं। वह बताते हैं कि रामलला की पोशाक के साथ अनिवार्य रूप से गर्भगृह में स्थापित सभी विग्रहों के वस्त्र सहित पर्दे एवं बिछावन का पूरा सेट बनता है। इसमें 17 मीटर कपड़ा लगता है। संजय के पिता भगवतप्रसाद कहते हैं, यह मेरे लिए गौरव की बात है कि इस ऐतिहासिक मौके पर रामलला मेरी सिली पोशाक पहनेंगे। भगवतप्रसाद के पिता बाबूलाल को रामलला की पोशाक सिलने का काम करीब साढ़े तीन दशक पूर्व रामजन्मभूमि के पुजारी लालदास ने सौंपा था।

जनकपुर तक है धमक

भगवतप्रसाद और शंकर के सिले वस्‍त्रों की धमक अयोध्या ही नहीं, बल्कि भगवान राम की ससुराल जनकपुर स्थित जानकी मंदिर तक है। जानकी मंदिर में स्थापित विग्रह इन्हीं की सिली पोशाक पहनते हैं और इसके लिए जनकपुर के जानकी मंदिर से विशेष प्रतिनिधि पोशाक के ही सिलसिले में प्राय: अयोध्या आते-जाते हैं। कुछ बार भगवतप्रसाद भी जानकी मंदिर जा चुके हैं।